स्कूलों से लेकर लाइब्रेरी तक…, कश्मीर में राष्ट्रविरोधी कंटेंट पर कसा शिकंजा; DSEK ने दिया जांच का निर्देश
DSEK Book Check Circular: कश्मीर के स्कूलों, निजी संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में किताबों की जांच होगी। DSEK ने राष्ट्रविरोधी व आपत्तिजनक सामग्री की पहचान कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अमन मौर्या
कश्मीर के स्कूलों, निजी संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में किताबों की जांच का निर्देश (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Kashmir School Books Inspection: कश्मीर में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूलों, निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में मौजूद किताबों की जांच का निर्देश दिया है। इसमें सभी किताबों (चाहे वे हाल ही में खरीदी गई हों या पुरानी हों) की जांच करना शामिल है। इसके तहत ऑफिस, क्लासरूम, स्टाफ रूम और स्कूल लाइब्रेरी आदि में कार्रवाई होगी।
राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में अलगाववादी विचारों और राष्ट्रविरोधी किताबों के बांटे जाने की खबर सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। इसको लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय, कश्मीर (DSEK) ने सर्कुलर जारी किया है।
सभी किताबों की होगी जांच
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि कश्मीर के स्कूल शिक्षा निदेशालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सरकारी स्कूलों, मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के सभी प्रमुखों (HOIs) को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में मौजूद सभी किताबों (चाहे वे हाल ही में खरीदी गई हों या पुरानी हों) की अच्छी तरह से जांच करें। इसमें ऑफिस, क्लासरूम, स्टाफ रूम और स्कूल लाइब्रेरी आदि शामिल हैं।
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कश्मीर के स्कूलों, निजी संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में किताबों की जांच का निर्देश (फोटो सोर्स-AI)
ऐसे कंटेंट पर होगी कार्रवाई
विभाग द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि इस जांच का मकसद यह पक्का करना है कि किसी भी किताब में अनुचित या आपत्तिजनक सामग्री न हो। इसमें ऐसी सामग्री शामिल है जो किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है, छात्रों के लिए अनुचित हो सकती है, या मौजूदा कानूनों के खिलाफ हो सकती है और जिससे राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचने, शैक्षिक मूल्यों पर असर पड़ने या स्थापित नियमों के उल्लंघन की संभावना हो। इसके अलावा, सभी सामग्री राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उम्र के हिसाब से तय दिशानिर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए।
निदेशालय ने दिया ये निर्देश
सर्कुलर के अनुसार, अगर कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलती है, तो HOI को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी जिसमें ये प्रमुख जानकारी होगी-
- किताब का शीर्षक
- प्रकाशन का वर्ष
- लेखक और प्रकाशक का नाम
- किताबों की संख्या
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निदेशालय ने बताया कि सभी सरकारी संस्थानों और मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों (कोचिंग सेंटरों सहित) के HOIs को निर्देश दिया जाता है कि वे इस काम को पूरी सावधानी से पूरा करें, जांच का सही रिकॉर्ड रखें, तय समय सीमा के भीतर इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें और संबंधित मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) या जोनल शिक्षा अधिकारी (ZEO को अनुपालन रिपोर्ट/सर्टिफिकेट जमा करें।
