पुणे जिला बनेगा वैश्विक शिक्षा का बड़ा हब, सरकार ने 49 वर्षों की लीज पर आईआईएम नागपुर को सौंपी सरकारी जमीन

IIM Nagpur Moshi Campus: मोशी में आईआईएम नागपुर के नए शैक्षणिक परिसर के लिए 28 हेक्टेयर सरकारी भूमि 49 साल की लीज पर एक रुपये वार्षिक किराए पर देने को महाराष्ट्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
Maharashtra Government cleared 28 hectares of land in Moshi for IIM Nagpur's new campus at a token lease of ₹1 per year, boosting management education in PCMC.
आईआईएम नागपुर (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Pimpri Chinchwad Maharashtra Government: पिंपरी मोशी में प्रस्तावित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नागपुर के नए शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण परिसर के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। महाराष्ट्र सरकार के राजस्व एवं वन विभाग ने इस संबंध में सरकारी आदेश (जीआर) जारी कर मोशी स्थित गट संख्या 327 की 28 हेक्टेयर सरकारी भूमि आईआईएम नागपुर को नाममात्र की लीज पर देने की मंजूरी प्रदान की है।

इस फैसले से पिंपरी-चिंचवड़ और पूरे पुणे जिले में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र को वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 3 जुलाई को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, मोशी स्थित कुल 37.02 हेक्टेयर सरकारी भूमि में से 28 हेक्टेयर क्षेत्र आईआईएम नागपुर के लिए आरक्षित किया गया है।

इस भूमि पर अत्याधुनिक शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण परिसर विकसित किया जाएगा। संस्थान को यह भूमि शुरुआती 49 वर्षों की लीज पर दी जाएगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अगले 49 वर्षों के लिए भी नवीनीकृत किया जा सकेगा। विशेष बात यह है कि राज्य सरकार इस बहुमूल्य भूमि के बदले संस्थान से प्रतिवर्ष केवल एक रुपये का प्रतीकात्मक किराया ही लेगी।

सरकार ने बदला पूर्व का निर्णय

इस परियोजना के लिए पहले राज्य सरकार ने बाजार मूल्य के अनुसार भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। इससे परियोजना की लागत बढ़ने और निर्माण में देरी की आशंका थी। बाद में राज्य के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 21 जून को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व निर्णय को रद्द कर दिया गया, इसके बाद संस्थान को नाममात्र की लीज पर भूमि उपलब्ध कराने का संशोधित निर्णय लिया गया, जिससे परियोजना को गति मिल गई।

शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया विस्तार

आईआईएम नागपुर के नए परिसर के निर्माण से पिपरी-चिंचवड की पहचान केवल औद्योगिक शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। स्थानीय विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा के लिए दूसरे शहरों या विदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा, वहीं, क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को प्रशिक्षित और कुशल प्रबंधन विशेषज्ञ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे उद्योग और शिक्षा जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने के साथ रोजगार और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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