जम्मू-कश्मीर में तबाही! किश्तवाड़ में भूस्खलन से 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न

Jammu Kashmir Disaster: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में द्रबशल्ला के मेघा परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन की घटना हुई, जिसमें 5 लोग घायल हो गए। घटनास्थल पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया और घायल...
जम्मू-कश्मीर में तबाही! किश्तवाड़ में भूस्खलन से 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ भूस्खलन की तस्वीर, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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Jammu Kashmir Landslide: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में द्रबशल्ला के मेघा परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन हुआ, जिसमें 5 लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने इस घटना के बाद किश्तवाड़ के जिलाधिकारी पंकज कुमार शर्मा से बातचीत की।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि द्रबशल्ला क्षेत्र में रैटल पावर प्रोजेक्ट के पास हुई भूस्खलन घटना के दौरान प्रशासन की तत्परता और तेज कार्रवाई ने लगभग पांच लोगों की जान बचाई। हालांकि ये लोग घायल हुए हैं, उन्हें सुरक्षित रखा गया है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के साथ हर प्रकार की सहायता दी जा रही है।

खतरे के निशान से ऊपर से बह रही हैं नदियां

बुधवार को जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण व्यापक नुकसान हुआ। जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों और दक्षिण कश्मीर के तीन जिलों में बाढ़ का हाल बना हुआ है। चिनाब समेत लगभग सभी नदियां खतरे के स्तर के पास या उससे ऊपर बह रही हैं। बडगाम जिले में झेलम नदी के बांध में दरार आने के कारण आसपास के क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि शालिना, राख शालिना और बाघी शाकिरशाह गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों को रात ही सुरक्षित स्थानों और बचाव केंद्रों में पहुंचा दिया गया।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी प्रशासन

उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि बडगाम के सीरबाग और समरबाग गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है और प्रशासन की टीमें इन इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जलस्तर कम होने तक वे सुरक्षित स्थानों पर रहें।

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू सेंटरों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि बडगाम जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में छह रेस्क्यू सेंटर सक्रिय किए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी मानवशक्ति और मशीनरी मौके पर मौजूद है और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस व राजस्व अधिकारियों के नेतृत्व में बचाव दल लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में लगे हुए हैं।

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