‘घाटी के लोग शांति और सम्मान चाहते हैं’, आतंकवाद को लेकर फारूख अब्दुल्ला की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी
Farooq Abdullah New Statement: नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को J&K में हिंसा चक्र का रास्ता छोड़ना चाहिए।
- Written By: अमन मौर्या
फारूक अब्दुल्ला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Farooq Abdullah Statement On Jammu Kashmir Violence: जम्मू कश्मीर के प्रमुख नेता और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत दी है कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा के रास्ते को छोड़ देना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि बस बहुत हो गया, अब पाकिस्तान को J&K में हिंसा चक्र का रास्ता छोड़ना चाहिए। हाल ही में नेकॉ प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने एक साक्षात्कार दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) को शांति के रास्ते खोजने चाहिए।
इस दौरान फारूक ने पाकिस्तान प्रायोजित पहलगाम में आतंकी हमले का जिक्र किया। इस आतंकी हमले में 26 भारतीय नागरिक मारे गए थे। हमले में आतंकियों ने लोगों से उनके धर्म पूछकर मारा था, जिससे कि देश में अशांति फैले।
आतंकवाद बिल्कुल स्वीकार्य नहीं
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर की अवाम ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। और पाकिस्तान के नापाक इरादों जमकर विरोध किया। इस दौरान पूरे देश में पाकिस्तान के विरोध में लोग एकजुट होकर प्रदर्शन किया। भारतीयों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के लिए एक साफ संदेश था कि अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
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‘कश्मीर के लोग शांतिप्रिय’
फारुक अब्दुल्ला ने भी पड़ोसी देश से उम्मीद जताई वो भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करेगा। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग शांतिप्रिय हैं, शांति चाहते हैं। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत आतंकियों को ढेर कर दिया। इस दौरान आतंकवातियों से खतरनाक हथियार भी बरामद किया गया।
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ड्रग्स नेटवर्क बना चुनौती
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में नशे का नेटवर्क एक गंभीर समस्या बन गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इसके नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की है। इसके बावजुद नशा तस्कर तौर-तरीके बदलकर फिर से सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में नशा तस्करों के खिलाफ यह लड़ाई पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। बातचीत के दौरान अब्दुल्ला ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर के युवाओं का सबसे बड़ा खतरा उग्रवाद नहीं, ड्रग्स की बढ़ती लत है।
जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के बढ़ते व्यापार में स्थानीय लोगों की संलिप्तता पर अब्दुल्ला ने गहरा दुख जताया। उनके अनुसार, ड्रग्स के खिलाफ यह लड़ाई की जिम्मेदारी अब केवल सरकार की नहीं है। इसके लिए सभी लोगों के साथ आने का आग्रह किया।
