पाकिस्तान के पास 7 दिनों का भी तेल नहीं! PAK पेट्रोलियम मंत्री ने की खोली सच्चाई, जानें क्या कुछ कहा?
Pakistan Praises India:पाक के पेट्रोलियम मंत्री मलिक ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान के पास केवल 5 से 7 दिनों का वाणिज्यिक कच्चा तेल भंडार है। इसके साथ ही उन्होंने ईंधन को लेकर भारत की जमकर तारिफ भी की।
- Written By: अमन उपाध्याय
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Praises India Oil Reserves: ईरान में जारी संकट के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। इस बीच, पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने भारत की आर्थिक रणनीति और ईंधन प्रबंधन की खुले दिल से सराहना की है।
मलिक ने इस बात पर आश्चर्य और प्रशंसा व्यक्त करते हुए बताया कि भारत ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें उच्चतम स्तर पर होने के बावजूद अपने नागरिकों पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने भारत की इस स्थिरता की तुलना पाकिस्तान के गहरे होते ईंधन संकट से की।
भारत का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार
मंत्री अली मलिक ने एक स्थानीय समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि भारत के पास न केवल 600 अरब डॉलर का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार है बल्कि उन्होंने अपने रणनीतिक तेल भंडारों को भी बखूबी बनाए रखा है।
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मलिक के अनुसार, जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ीं, तो भारत ने टैक्स में कटौती करके अपने नागरिकों को महंगाई के झटके से सुरक्षित रखा। उनके पास ऐसा करने के लिए पर्याप्त ‘राजकोषीय स्थान’ मौजूद था, जो पाकिस्तान के पास नहीं है।
पाकिस्तान की IMF पर निर्भरता
पाकिस्तान की स्थिति इसके ठीक विपरीत है। मलिक ने बताया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सख्त शर्तों के तहत काम कर रहा है। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तान को IMF के साथ गहन बैकचैनल बातचीत करनी पड़ी। शुरुआत में दाताओं के साथ हुए समझौते के तहत ईंधन पर लेवी लगाना अनिवार्य था लेकिन डीजल की कीमतों में 3-4 गुना वृद्धि के कारण सरकार को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा।
जनता को राहत देने के लिए पाकिस्तान सरकार ने डीजल पर लेवी खत्म कर दी और इसका बोझ पेट्रोल पर डाल दिया इसके साथ ही मोटरसाइकिल सवारों के लिए सब्सिडी भी लागू की।
ईंधन को लेकर भारत-पाकिस्तान में क्या है अंतर?
ईंधन सुरक्षा के मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच का अंतर बहुत बड़ा है। अली मलिक ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान के पास केवल 5 से 7 दिनों का वाणिज्यिक कच्चा तेल भंडार है और रिफाइंड उत्पाद केवल 20-21 दिनों तक चल सकते हैं। उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि हम भारत की तरह नहीं हैं जिसके पास 60-70 दिनों का रणनीतिक भंडार है और वे केवल एक हस्ताक्षर से इसे जारी कर सकते हैं।
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गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पेट्रोल की कीमतों में की गई 80 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि वापस लेनी पड़ी थी। मलिक ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के लिए IMFका भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण है और राजनयिक माध्यमों से लेवी में 80 रुपये की कमी के लिए उन्हें राजी करना एक बड़ी उपलब्धि रही, जिससे देश आर्थिक तबाही से बच गया।
