कौन है डॉ. गुलाम नबी फई? NIA कोर्ट ने घोषित किया अपराधी, 30 दिन में सरेंडर करने का अल्टीमेटम
कश्मीर की बडगाम एनआईए कोर्ट ने डॉ. गुलाम नबी फई को अपराधिक मामलों का दोषी करार देते हुए 30 दिनों के भीतर कश्मीर पुलिस को आत्मसमर्पण करने का आदेश जारी किया है। फई कश्मीरी मूल का है और अमेरिका में रहता है।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
डॉ. गुलाम नबी फई (सौजन्य: सोशल मीडिया)
श्रीनगर: कश्मीरी मूल के अमेरिकी नागरिक डॉ. गुलाम नबी फई को जम्मू कश्मीर के बडगाम स्थित एनआईए (NIA) कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त होने के अपराध में दोषी करार दिया है। विशेष न्यायधीश ने फई को यूएपीए (UAPA) के तहत दोषी पाया है। इसके साथ ही ये आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर खुद को जम्मू कश्मीर पुलिस के हवाले कर दे। ऐसा न करने पर सख्त ऐक्शन लिया जाएगा।
जम्मू कश्मीर पुलिस के मुताबिक डॉ. फई के खिलाफ वारंट होने के बाद भी वह लगातार गिरफ्तारी देने से बचते आ रहे हैं। वह कानूनी प्रक्रिया में बाधा डालने के साथ जवाबदेही से भी बचते रहे हैं। ऐसे में काफी दिनों से उनके खिलाफ बडगाम एनआईए कोर्ट में उसके खिलाफ मामला दर्ज है। अपराध घोषित किए जाने के बाद अब उसे कश्मीर में आत्मसमर्पण करने का भी आदेश जारी किया गया है।
अमेरिकी नागरिक और जमात-ए-इस्लामिक कार्यकर्ता हैं फई
डॉ. सैयद गुलाम नबी फई कश्मीरी मूल के अमेरिकी नागरिक होने के साथ जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ता हैं। फई ने अमेरिका में कश्मीरी काउंसिल नाम का सं संगठन बनाया था जो कश्मीरी अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान सरकार का सपोर्ट किया था। वर्ष 2011 में अमेरिका ने फई के संगठन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि यह आईएसआई का मुखौटा ग्रुप है।
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30 दिन में सरेंडर करने का दिया अल्टीमेटम
कश्मीर पुलिस के मुताबिक फई गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को छिपाने की कोशिश कर रहा था। बडगाम पुलिस ने एनआईए कोर्ट में अपली दलील पेश की जिसके बाज अदालत ने अपराधी भी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही यह आदेश भी जारी किया है कि फई 30 दिनों के अंदर कश्मीर पुलिस को आत्मसमर्पण कर दें।
फई पर हैं ये संगीन आरोप
डॉ. फई पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप के साथ ही कश्मीर पर अमेरिकी नीति को प्रभावित करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया था। इसे फई ने स्वीकार भी किया है। ऐसे में 30 दिनों के भीतर उसे सरेंडर करने को कहा गया है। यदि फई ने सरेंडर नहीं किया तो उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
