छत्रपति संभाजीनगर: प्रचार की कमी से योजना फीकी, 40 पद स्वीकृत, चयन केवल 24-विदेशी छात्रवृत्ति पर सवाल
Maharashtra Foreign Scholarship: विदेशी मेधावी छात्रवृत्ति योजना में 40 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 24 विद्यार्थियों का चयन हुआ। कम आवेदन और देरी से छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर सवाल खड़े हुए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
Foreign Scholarship( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Higher and Technical Education: छत्रपति संभाजीनगर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की विदेशी मेधावी छात्रवृत्ति योजना में इस वर्ष 40 पद स्वीकृत होने के बावजूद राज्य भर से केवल 24 विद्यार्थियों का अंतिम चयन किया गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा का अवसर देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में नियोजन की कमी, प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस योजना के लिए पूरे राज्य से मात्र 82 आवेदन प्राप्त हुए। इतने बड़े राज्य में इतनी महत्वपूर्ण योजना के लिए इतनी कम संख्या में आवेदन आना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि शासन स्तर पर योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार नहीं किया गया।
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वर्ष 2025 का शैक्षणिक सत्र समाप्ति की ओर है, ऐसे में अंतिम चयन सूची घोषित होने से चयनित विद्यार्थियों के लिए चालू शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश लेना लगभग असंभव हो गया है।
जानकारी का अभाव बना बाधा
विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि हर वर्ष विज्ञापन देर से जारी होता है, चयन प्रक्रिया लंबित रहती है और बजट स्वीकृति में भी विलंब होता है, इसके विपरीत, समाजकल्याण विभाग और बहुजन कल्याण विभाग की विदेशी छात्रवृत्ति योजनाओं के विद्यार्थी छह महीने पहले ही विदेश में अपनी पढ़ाई शुरू कर देते हैं।
इससे स्पष्ट होता है कि समस्या निधि की नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्यप्रणाली की है। महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर योजना की प्रभावी जानकारी नहीं पहुंचाई जाती।
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मार्गदर्शन शिविर, समुपदेशन या आवेदन प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव है। परिणामस्वरूप मेधावी विद्यार्थियों में योजना के प्रति विश्वास की कमी देखी जा रही है, उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में शुरू की गई इस योजना में प्रारंभिक वर्ष में केवल 10 विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया था।
