राहुल गांधी व किरेन रिजिजू (सोर्स- लोकसभा टीवी)
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज यानी सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के शपथग्रहण के समय उठी ‘न्योता मांगने’ वाली चर्चा को सदन में उठा दिया। जिसके बाद लोकसभा में जमकर हंगामा देखने को मिला। राहुल के इस बात का जिक्र करते ही केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू तमतमा गए।
दरअसल, राहुल ने अपने भाषण में कहा कि देश के विदेश मंत्री अमेरिका जाते हैं और वहां अनुरोध करते हैं कि हमारे पीएम को बुलाया जाए। राहुल के इस बयान के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जवाब देने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को बिना किसी सबूत के इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए।
किरेन रिजिजू ने कहा कि यह दो देशों का मसला है। यह विदेश नीति का मामला है। रिजिजू ने कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं। उन्हें जिम्मेदार होना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि अगर विपक्ष के नेता के पास किसी स्रोत से ऐसी जानकारी है, जो उन्होंने कही है, तो उसे सदन में रखना चाहिए।
इस हंगामे के बाद राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि मैं आपकी मानसिक शांति भंग करने के लिए माफी मांगता हूं। यह सवाल उठाने के लिए माफी मांगता हूं। मुझे खेद है। इस पर रिजिजू ने कहा कि आपने सदन में झूठ बोला है। इसके लिए माफी मांगिए। देश के मामले में आपको एकजुट होना चाहिए।
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने एक बार फिर से जाति जनगणना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश में कुल जनसंख्या की 50 फीसदी आबादी पिछड़ी है। लेकिन उनकी भूमिका कम है। उन्होंने कहा कि देश के बड़े कॉरपोरेट्स और मीडिया हाउसेस को देखें तो किसी पर भी पिछड़ों का मालिकाना हक नहीं है। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा ऐसा होगा जब देश में जाति जनगणना हो जाएगी।
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रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। एक गंभीर मुद्दे पर चर्चा हो रही है। उसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैंने हमेशा राष्ट्रपति का अभिभाषण एक ही तरह का सुना है।