किसान संगठनों के नेताओं के साथ राहुल गांधी। इमेज-सोशल मीडिया
Rahul Gandhi Meets Farmer Leaders : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मिले। इस दौरान राहुल गांधी ने इन संगठनों के साथ अमेरिका के साथ भारत के हुए व्यापार समझौते का विरोध करने और किसानों एवं खेतिहर मजदूरों की आजीविका की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन पर चर्चा की। यह मुलाकात संसद भवन परिसर में हुई।
राहुल गांधी ने कहा कि इस व्यापार समझौते ने कृषि आयात के लिए दरवाजा खोल दिया है। इसकी चपेट में जल्द कई अन्य फसलें भी आ सकती हैं। कांग्रेस के मुताबिक किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध जताया है।
उन्होंने मक्का, सोयाबीन, कपास, फलों, मेवों की खेती करने वाले किसानों की आजीविका को लेकर गहरी चिंता जताई। राहुल गांधी और किसान नेताओं ने इस समझौते का विरोध करने और किसानों और खेतिहर मजदूरों की आजीविका की रक्षा के लिए बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की आवश्यकता पर चर्चा की।
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं – मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे। pic.twitter.com/gNVMEYFp3i — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 12, 2026
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश और किसानों को अमेरिका के हाथों बेचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि सरकार उनके खिलाफ चाहे मुकदमा दर्ज करवाए या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाए, वह किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। राहुल ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर ये बातें कहीं हैं।
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राहुल गांधी खुद को केवल संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि सड़क पर भी किसानों की आवाज के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। यह 2020-21 के किसान आंदोलन जैसी जमीन फिर से तैयार करने की कोशिश हो सकती है। मेक इन इंडिया के शोर के बीच राहुल गांधी भारतीय किसान बचाओ का नारा देकर सरकार को घेर रहे हैं। वे यह संदेश दे रहे कि सरकार की नीतियां कॉर्पोरेट और विदेशी ताकतों के पक्ष में हैं। बैठक में हरियाणा, पंजाब से जम्मू-कश्मीर तक के नेताओं की मौजूदगी बताती है कि राहुल गांधी अलग-अलग बिखरे हुए किसान गुटों को साझा मंच (कांग्रेस) के नीचे लाने का प्रयास कर रहे हैं। संसद में विशेषाधिकार हनन के नोटिस के बीच किसानों से मिलकर राहुल ने यह साफ कर दिया है कि वे कानूनी कार्रवाइयों से पीछे हटने के बजाय उन्हें बैज ऑफ ऑनर की तरह इस्तेमाल करेंगे।