कांग्रेस को बड़ा झटका… नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में होंगे शामिल, इस मुस्लिम नेता का बसपा सरकार में था दबदबा
Naseemuddin Siddiqui News : यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कद्दावर मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। अखिलेश उन्हें पार्टी ज्वाइन कराएंगे।
- Written By: रंजन कुमार
पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी। इमेज-सोशल मीडिया
Naseemuddin Siddiqui Join Samajwadi Party : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। यूपी के कद्दावर मुस्लिम नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी जल्द समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थामने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक 15 फरवरी को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। सिद्दीकी के साथ कई पूर्व विधायकों के भी सपा में शामिल होने की चर्चा है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने हाल में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उनके जाने के बाद से सियासी गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज थीं। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मनाने की कोशिशें कीं, लेकिन आत्मसम्मान और पार्टी की कार्यशैली को लेकर उनकी नाराजगी दूर नहीं हो सकी। 24 जनवरी को इस्तीफा देते समय उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह कांग्रेस के भीतर के हालातों से असहज महसूस कर रहे हैं।
सियासी सफर
नसीमुद्दीन सिद्दीकी का राजनीतिक इतिहास काफी रसूखदार रहा है। वह लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के स्तंभ रहे और मायावती के सबसे भरोसेमंद करीबियों में उनकी गिनती होती थी। वैसे, 2017 में मायावती ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामा था। अब सपा में उनका जाना प्रदेश के मुस्लिम वोट बैंक के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
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यूपी की राजनीति पर असर
2027 के चुनावों से पहले यह दलबदल कांग्रेस के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में जहां कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है। वहीं, एक वरिष्ठ नेता का साथ छोड़ना पार्टी के मनोबल को प्रभावित कर सकता है। दूसरी ओर अखिलेश यादव रणनीतिक रूप से पुराने और अनुभवी चेहरों को जोड़कर अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और मजबूत कर रहे हैं।
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मुस्लिम मतदाताओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश
नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में शामिल होना केवल एक व्यक्ति का दल-बदल नहीं, बल्कि पश्चिमी और मध्य यूपी के मुस्लिम मतदाताओं के बीच एक बड़ा संदेश देने की कोशिश है। अब देखना यह होगा कि 15 फरवरी की इस ज्वॉइनिंग के बाद यूपी की चुनावी बिसात पर ऊंट किस करवट बैठता है।
