

Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan: पंजाब इस वक्त प्राकृतिक आपदा के कहर से जूझ रहा है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हाहाकार मचा हुआ है। बाढ़ के कारण अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 3.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पंजाब कि स्थिति को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जाहिर की है।
बुधवार को पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बाढ़ की स्थिति को लेकर चर्चा की। साथ ही राज्य में बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान का आकलन करने के लिए गुरुवार को पंजाब का दौरा करेंगे। राज्य में लगातार हो रही बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को खासकर धान की फसल के समय भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मैंने पंजाब में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति पर पंजाब के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से चर्चा की और विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मैं गुरुवार सुबह पंजाब पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अपने भाई-बहनों से मिलूंगा। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पूरी मजबूती के साथ पंजाब के भाई-बहनों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।"
लगातार भारी बारिश और भाखड़ा समेत प्रमुख बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य की नदियां उफान पर हैं। वहीं राज्य में ब्यास, रावी, घग्गर औरसतलुज जैसी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ ने राज्य के कई जिलों में जमकर तबाही मचाई है। जिससे अब तक 30 लोगों की मौत हुई है। पटियाला, जालंधर, कपूरथला, नवांशहर, रूपनगर, मोगा, लुधियाना, बरनाला और संगरूर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक, बाढ़ के कारण 1,300 से ज्यादा गांव जलमग्न हैं और लगभग तीन लाख एकड़ कृषि भूमि, खासकर धान की फसल कटाई के मौसम से कुछ हफ्ते पहले ही बर्बाद हो गई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट और चेतावनी जारी की है। साथ ही आगे भारी बारिश से स्थिति और बिगड़ सकती है। बचाव और राहत अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय अधिकारी बाढ़ में फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं।