विजय के CM बनते ही तमिलनाडु में छिड़ा विवाद! वंदे मातरम पर CPI ने जताई आपत्ति, TVK ने दिया जवाब
Tamil Nadu Vande Mataram: विजय के शपथ ग्रहण से पहले वंदे मातरम गाया गया, उसके बाद जनगनमन हुआ और फिर राजकीय गान हुआ। पिछली सरकार के दौरान राज्यपाल और स्टालिन के बीच वंदे मातरम को लेकर ही विवाद हुआ था।
- Written By: अर्पित शुक्ला
CM विजय (Image- Social Media)
Tamil Nadu Politics: तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता और मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि ‘नीरा रूम कदलुदुथा’ से शुरू होने वाला तमिल स्तुति गीत एक सदी से भी अधिक पुराने इतिहास का गौरव समेटे हुए है। उन्होंने कहा कि ‘इसे विश्वभर में फैलाना चाहिए’ और इसी को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु सरकार ने इसे राज्य गीत घोषित किया। तमिलनाडु में आयोजित सरकारी समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में यह प्रतिष्ठित ‘तमिल थाई वजथु’ हमेशा सर्वप्रथम बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह एक प्रथागत और उचित तरीका रहा है। टीवीके का ये बयान कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के उस बयान के बाद आया, जिसमें पार्टी ने ‘वंदे मातरम’ को ‘तमिल थाई वजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले बजाए जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में तमिलगा वेट्री कजगम के नेतृत्व में गठित नई सरकार की इस दीर्घकालिक प्रथा के संबंध में कोई असहमति नहीं है।
शपथ ग्रहण में पहले बजा वंदे मातरम
हालांकि, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के नेतृत्व में आयोजित मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में, ‘वंदे मातरम’ सर्वप्रथम बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान और फिर ‘तमिल थाई वजथु’ बजाया गया। अर्जुन ने कहा कि यह नई प्रथा तमिलनाडु की परंपराओं के अनुरूप नहीं है। तमिलगा वेट्री कजगम के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार तमिलनाडु में तीसरे गीत के रूप में तमिल थाई वज़थु बजाए जाने से सहमत नहीं है।
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TVK ने क्या कहा?
TVK ने कहा कि जब हमने राज्यपाल कार्यालय को इस पर कड़ा विरोध जताया, तो हमें बताया गया कि राज्यपाल केंद्र सरकार द्वारा जारी एक नए परिपत्र के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य हैं। उस अपरिहार्य परिस्थिति के कारण, ‘तमिल थाई वजथु’ को तीसरे गीत के रूप में बजाया गया। हालांकि, भविष्य में इस नई प्रथा का पालन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, पुरानी परंपरा जारी रहेगी – कार्यक्रमों की शुरुआत में ‘तमिल थाई वजथु’ बजाया जाएगा और अंत में राष्ट्रगान।
केंद्र सरकार से अपील
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि भारत के हर राज्य में आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत में संबंधित राज्य की भाषा में मंगलाचरण गीत बजाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इस संबंध में उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह तमिलनाडु की जनता की सामूहिक भावना और एकजुट मत है। यह हमारा दृढ़ संकल्प भी है। सत्य की ही विजय होगी! तमिल भाषा अमर रहे!
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बता दें कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने इस सरकारी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ को ‘तमिल थाई वजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले बजाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। सीपीआई का साफ कहना है कि किसी भी सरकारी समारोह में सबसे पहला स्थान राज्य के गीत को ही मिलना चाहिए और यह तमिलनाडु की पुरानी परंपरा का खुला अपमान है। -एजेंसी इनपुट के साथ
