NEET-PG 2024 विवाद में आएगा नया मोड़! परीक्षा स्थगित करने वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
नीट-पीजी 2024 विवाद में अब अहम भूमिका सुप्रीम कोर्ट की रहने वाली है। जहां सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट आज, 11 अगस्त को होने वाली नीट की परीक्षा को स्थगित करने को लेकर दाखलि याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए ऐसा किया गया है।
- Written By: शुभम पाठक
सुप्रीम कोर्ट (सोर्स:- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: देश में NEET-PG 2024 को लेकर विवाद जारी है। जहां इस विवाद ने पूरे देश की सियासत को गर्म कर दिया है वहीं इस मुद्दें पर एक तरफ छात्र तो दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियां इस मामले में अपना उल्लू सीधा कर रही है, जहां आज इस विवाद मामले में एक नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है। आज सुप्रीम कोर्ट NEET-PG 2024 परीक्षा रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।
आज के सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को आधार बनाया जाए तो देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि शिक्षा मंत्रालय और छात्रों के मतभेद के बीच सुप्रीम कोर्ट परीक्षा को रद्द करने वाली याचिका पर क्या फैसला सुनाता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निगाहें
नीट-पीजी 2024 विवाद में अब अहम भूमिका सुप्रीम कोर्ट की रहने वाली है। जहां सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 11 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) स्नातकोत्तर परीक्षा, 2024 को अंतिम रूप देने के लिए प्राधिकरण को निर्देश देने की मांग वाली याचिका को स्वीकार कर लिया। मुख्य न्यायाधीश दीवई चंद्रचूड़ की पीठ ने कंटेम्पररी प्रोडक्ट्स के वकील द्वारा मामले पर जल्द सुनवाई का आग्रह करने के बाद याचिका को सूचीबद्ध करने का फैसला किया।
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मिली जानकारी के अनुसार विशाल विशाल सोरेन और अन्य ने अदालत से परीक्षा आयोजित करने और सभी छात्रों के लिए एक समान और सहायक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इसे एक ही बैच में आयोजित करने का निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने अदालत से फोकल प्वाइंट साइटों की जांच करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि फोकल प्वाइंट साइटों पर प्रवेश अधिक न्यायसंगत और आधार तरीके से किया जाए। कंपनियों का कहना है कि शहरों का ट्रायल 31 जुलाई को शुरू किया गया था।
याचिकाकर्ता की मांग
वहीं बात अगर याचिकाकर्ता की करें तो सुप्रीम कोर्ट के द्वारा याचिका स्वीकार करने के फैसले को लेकर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि, किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि, इतने कम समय में परीक्षा आयोजित करना बहुत मुश्किल हो गया है। छात्रों के लिए अपने विशिष्ट शहरों की यात्रा की व्यवस्था करना मुश्किल है।
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इसके साथ ही उनका कहना है कि दो लाख से अधिक छात्रों को परीक्षा देनी है। परीक्षा 185 परीक्षा शहरों में आयोजित की जानी है, जिसके परिणामस्वरूप ट्रेन टिकट उपलब्ध नहीं हैं और साथ ही हवाई किराए में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए याचिककर्ता ने मांग उठाई है कि छात्रों को ज्यादा परेशानी ना हो इसलिए एक ही बैच में परीक्षा की जाए।
