तमिलनाडु विधानसभा में भारी ड्रामा: राष्ट्रगान के अपमान पर भड़के राज्यपाल आर.एन. रवि, सदन से वॉकआउट
RN Ravi Walkout: तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने राष्ट्रगान के अनादर और सदन में माइक बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा से वॉकआउट किया। उन्होंने सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से भी इनकार कर दिया।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
राज्यपाल आर.एन. रवि, फोटो- सोशल मीडिया
Tamil Nadu Governor RN Ravi Walkout: तमिलनाडु विधानसभा का सत्र आज उस समय राजनीतिक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब राज्यपाल आर.एन. रवि नाराज होकर सदन की कार्यवाही बीच में छोड़कर बाहर चले गए। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया और सदन में बार-बार उनका अपमान किया गया।
तमिलनाडु विधानसभा के सत्र के दौरान आज एक अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने बेहद निराश होकर सदन से वॉकआउट किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘मैं निराश हूं। राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया’। राज्यपाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सदन में उनके बोलने के दौरान उनका माइक बार-बार बंद किया गया और उनके भाषण में बाधा डाली गई। उन्होंने इसे अपने पद का अपमान और संवैधानिक जिम्मेदारी की अवहेलना बताया। राज्यपाल के अचानक बाहर जाने से सदन में भारी हलचल मच गई और मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा है।
अभिभाषण पढ़ने से इनकार: राजभवन ने गिनाए 13 बड़े कारण
राज्यपाल कार्यालय ने बाद में एक विस्तृत प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें उन कारणों का खुलासा किया गया जिनकी वजह से राज्यपाल ने सरकार द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक भाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया था। राजभवन द्वारा जारी इन 13 बिंदुओं ने राज्य सरकार की नीतियों और दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
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| क्रम संख्या | मुद्दा / आपत्ति |
|---|---|
| 1 | माइक बार-बार बंद किया गया, बोलने नहीं दिया गया |
| 2 | भाषण में भ्रामक और असत्यापित दावे शामिल |
| 3 | निवेश के आंकड़े वास्तविकता से दूर बताए गए |
| 4 | महिलाओं की सुरक्षा पर बढ़ती घटनाओं का जिक्र नहीं |
| 5 | युवाओं में बढ़ते ड्रग दुरुपयोग को नजरअंदाज किया गया |
| 6 | दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं पर चुप्पी |
| 7 | राज्य में बढ़ती आत्महत्याओं की स्थिति को अनदेखा |
| 8 | शिक्षा व्यवस्था की गिरती गुणवत्ता पर ध्यान नहीं |
| 9 | खाली पदों और नियुक्तियों का उल्लेख नहीं |
| 10 | हज़ारों ग्राम पंचायतों में चुनाव न होने का जिक्र नहीं |
| 11 | मंदिर प्रबंधन और हाई कोर्ट निर्देशों की अनदेखी पर कोई बात नहीं |
| 12 | MSME सेक्टर की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया |
| 13 | निचले स्तर के कर्मचारियों की नाराज़गी पर चर्चा नहीं |
राष्ट्रगान का बार-बार अपमान किया जा रहा है: राज्यपाल
राज्यपाल आर.एन. रवि ने अपने नोट में मंदिरों के प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मंदिरों के बेहतर प्रबंधन और इस संबंध में हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी की है। इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) की समस्याओं पर चर्चा न होना भी उनके भाषण न पढ़ने का एक बड़ा कारण बना। राज्यपाल ने इसे “संवैधानिक कर्तव्य की अवहेलना” करार दिया कि राष्ट्रगान का बार-बार अपमान किया जा रहा है।
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विधानसभा अध्यक्ष की नसीहत
जब सदन में तनाव बढ़ा, तो विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे सदन की गौरवशाली परंपरा के अनुसार अपना संबोधन दें और नियमों का पालन करें। हालांकि, राज्यपाल का तर्क था कि उनके पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया गया है। इस घटना ने तमिलनाडु सरकार और राजभवन के बीच पहले से जारी खींचतान को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस वॉकआउट के बाद सदन में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच तीखी बहस और बढ़ सकती है।
