थलापति के सामने ढेर हुई DMK! आसपास भी नहीं है AIADMK, जानिए कैसे विजय ने ढहाया सबसे पुरानी पार्टियों का किला
Vijay Thalapathy Constituency News: तमिलनाडु में 'विजय' का शंखनाद! रुझानों में TVK को 106 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की उम्मीद। जानें कैसे विजय ने DMK और AIADMK के दशकों पुराने किले को ढहाया।
- Written By: अक्षय साहू
तमिलनाडु चुनाव में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Vijay Replaces DMK and AIADMK in Tamil Nadu: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे आग चल रही है। आधिकारिक आंकड़ो के मुताबिक, TVK 234 में से 106 विधानसभा सीटों पर आगे चल रही है और अगर सामने आए रूझान नतीजों में बदलते हैं तो विजय की पार्टी असानी से बहुमत पाती नजर आ रही है।
2026 में तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव कई मायनों में अलग है। राज्य के चुनावी इतिहास को देखा जाए तो 1977 के बाद से तमिलनाडु मुख्यत: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ही दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियां रही है। पिछले कई विधानसभा चुनावों में इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच सत्ता की खींचतान रही है लेकिन इस बार विजय की राजनीति में एंट्री ने माहौल को पूरी तरह से बदल कर रखा दिया था। जिसका असर नतीजों में साफ दिखने लगा है। आइए आपको बताते हैं कि वो क्या कारण हैं जिनके चलते विजय अपने पहली ही चुनाव को जीतकर सरकार बनाते नजर आ रहे हैं।
DMK ने गठबंधन पर दिखाया जोर
तमिलनाडु में बरसों से केवल DMK और AIADMK का ही राज रहा है। पिछले कुछ सालों में सत्ताधारी DMK ने अपने गठबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं, 2016 में जयललिता के निधन के बाद से ही AIADMK लगातार अंदरूनी कलह से जूझ रही है। ऐसे में विजय TVK तमिल लोगों के अधिकारों की बात करती और लड़ने का वादा करती नजर आ रही है। जिससे तमिलनाडु की जनता को TVK में DMK और AIADMK से अलग एक मजबूत विकल्प नजर आया है।
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विजय ने अपनी पहचान सिनेमा के दम पर बनाई है। वो तमिल फिल्मों के सबसे बड़े स्टार में से एक हैं जिनकी फिल्में असानी से 100-200 करोड़ की कमाई करती है। विजय ने राजनीति में कदम रखने से पहले ही साफ कर दिया था कि वो अब फिल्मों में काम करना छोड़ देंगे। एक ओर जहां उनके इस फैसले ने बहुत से लोगों को हैरान किया। वहीं एक बड़े वर्ग को संदेश गया कि वो राजनीति को लेकर गंभीर है। क्योंकि उनसे पहले भी कमल हासन, रजनीकांत और चिरंजीवी जैसे बड़े सितारों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई थी। लेकिन कोई भी आज सक्रिय रूप से राजनीति में एक्टिव नहीं है।
DMK को भारी पड़ा कांग्रेस से गठबंधन
इस चुनाव में DMK कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। जिसमें DMK ने 234 सीटों में से 164 पर अपने उम्मीदवार उतारें हैं। वहीं कांग्रेस को 28 सीटें मिली हैं। जबकि बाकी की सीटें अन्य सहयोगी दलों को दी गई हैं। DMK के इन फैसलों ने जहां गठबंधन को तो मजबूत किया लेकिन जनता को यह भी मैसेज दिया कि वो अकेले चुनाव नहीं जीत सकती। वहीं, विजय ने अपने पहले ही चुनाव में बिना किसी बड़ी पार्टी के साथ हाथ मिलने की जगह सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए खुद को DMK से मजबूत दिखानें में कामयाब रही।
दूसरी ओर, AIADMK के अंदर चल रहे असंतोष ने जनता को सोचने पर मजबूर कर दिया। पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम का अलग रुख अपनाना और वी.के. शशिकला द्वारा नई पार्टी बनाने की घोषणा, पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। लगातार चुनावी हार के कारण पहले से दबाव में चल रही AIADMK के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण बन गई है।
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युवाओं को साधने में कामयाब रहे विजय
तमिलनाडु में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में थलापति विजय जो अपनी फिल्मों के जरिए पहले से ही इन मुद्दों पर बात करते नजर आए हैं वो युवाओं को भरोसा दिलाने में कामयाब नजर आ रहे हैं वो राज्य के नेतृत्व के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इसके इलावा विजय की फिल्मी अभिनेता वाली लोकप्रियता ने उन्हें शहरों के साथ-साथ गांवो में भी प्रासंगिक बनाए रखा। कुल मिलाकर तमिलनाडु की राजनीति अब पारंपरिक द्विध्रुवीय ढांचे से निकलकर त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ती दिख रही है, जिसमें विजय आने वाले समय में सबसे बड़े नेता साबित हो सकते हैं।
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