बंगाल में भाजपा जीती तो कौन बनेगा सूबे का सीएम, रेस में शामिल हैं कई बड़े नाम, क्या कहता है भाजपा का इतिहास?
Bengal New CM: पश्चिम बंगाल में भाजपा एकतरफा जीत हासिल करती हुई दिख रही है। इन रुझानों की मानें तो बंगाल में भाजपा का सीएम बनना तय हो गया है। आइए जानते BJP की तरफ से कौन है सीएम पद का प्रबल दावेदार।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
कौन होगा बंगाल का नया सीएम, फोटो- AI
New Chief Minister of Bengal: पश्चिम बंगाल में मतगणना के परिणाम का रुख भाजपा की ओर दिखाई दे रहा है। भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा भी पार कर लिया है। अगर भाजपा की सरकार बनती है तो सूबे के सीएम के लिए कोई एक नाम चुना जाएगा। आइए जानते हैं कौन हो सकता है पश्चिम बंगाल का नया सीएम।
पश्चिम बंगाल में भाजपा एकतरफा जीत हासिल करती हुई दिखाई दे रही है। इन रुझानों की मानें तो बंगाल में भाजपा का सीएम बनना तय हो गया है। जानिए भाजपा की तरफ से कौन है सीएम पद का दावेदार।
बंगाल की जनता ने इस विधानसभा चुनाव में खुलकर वोट डाले। नतीजा ये रहा कि रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हुई। आज सभी पार्टियों के लिए रिजल्ट का दिन है। भाजपा ने अब तक की बढ़त में भारी मार्जिन से खुद को आगे कर लिया है। भाजपा के पास बंगाल में सीएम बनाने के लिए कुछ ही चुनिंदा नाम हैं। अब देखना ये है कि भाजपा अपने किस नेता को बंगाल की कमान सौंपती है। आइए जानते हैं कौन हैं वो भाजपा नेता जो बंगाल सीएम के भावी चेहरे हैं।
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वो कौन है, जिसे भाजपा सीएम बनाएगी?
भाजपा के पास कई ऐसे नेता हैं जो बंगाल की कमान संभालने में सक्षम हैं। इसमें से कई ऐसे नेता हैं जो पार्टी के साथ सालों से जुड़े हुए हैं। ये नेता ना सिर्फ पार्टी की मांग को समझते हैं, बल्कि सीएम पद के लिए बेहद सटीक माने जाते हैं। साल 2021 में विधानसभा चुनाव में पार्टी को 77 सीटों तक ले जाने वाले दिलीप घोष सीएम की कुर्सी के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। दिलीप घोष ने साल 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी के खाते से कई सीटें छीन ली थीं। दिलीप घोष साल 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे और 2015 में पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष बन गए।
दिलीप के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य, लॉकेट चटर्जी और रूपा गांगुली का नाम भी लिस्ट में है। इन सब के इतर एक नाम ऐसा भी है जिसकी चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। वो नाम है टीएमसी छोड़कर भाजपा में आए शुवेंदु अधिकारी का।
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रेस में सबसे आगे हैं अधिकारी
बंगाल के सीएम के चेहरे के रूप में सबसे बड़ा नाम शुवेंदु अधिकारी का है। अधिकारी ने साल 2021 यानी पिछले चुनाव में ममता बनर्जी को हराकर चुनाव जीता था। इस कारण टीएमसी को एक बड़ा झटका लगा और शुवेंदु को इसका फायदा भी मिला। ममता की पार्टी से आए अधिकारी को भाजपा ने रणनीति के तहत उन्हीं के खिलाफ उतारा। इसका फायदा भाजपा और अधिकारी दोनों को हुआ।
इस कारण से जहां एक तरफ भाजपा की पकड़ और मजबूत हुई, वहीं अधिकारी एक कद्दावर नेता माने जाने लगे। गैर मुस्लिम इलाके में उनकी कट्टर छवि को भी लोगों ने खूब सराहा। अधिकारी ठीक असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के प्रतिबिंब के रूप में देखे जाते हैं।
सुकांत मजूमदार भी सीएम पद के दावेदार
डॉ. सुकांत मजूमदार पश्चिम बंगाल के बालुरघाट लोकसभा सीट से लगातार 2 बार से बीजेपी के सांसद हैं। वे शिक्षा मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर रहे हैं। मजूमदार इससे पहले पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मजूमदार राज्य में भाजपा के खास चेहरे हैं और केंद्रीय नेतृत्व के भी करीबी भी माने जाने हैं। मजूमदार को सीएम की कुर्सी का प्रबल दावेदार कहा जा रहा है।
इसके साथ ही राजनीति में आने से पहले कोलकाता में फैशन डिजाइनर और वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा के आसनसोल दक्षिण सीट से विधायक अग्निमित्रा पॉल को भी इस लिस्ट में शामिल बताया जा रहा है। अग्निमित्रा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एक बार फिर से इसी सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वे पश्चिम बंगाल में भाजपा महिला मोर्चा की कमान भी संभाल चुकी हैं।
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बाहरी नेताओं पर दांव लगाने का पुराना रिकॉर्ड
आगर भाजपा के इतिहास को खंगाला जाए तो कई बार ऐसा देखा गया है जब बाहरी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां दे दी गई हों। भाजपा अक्सर अन्य पार्टियों से आए कद्दावर नेताओं पर दांव लगाती देखी गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, अरुणाचल के पेमा खांडू, मणिपुर के एन. बीरेन सिंह और त्रिपुरा के माणिक साहा कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मुख्यमंत्री बने, बिहार में सम्राट चौधरी भी कुछ ऐसा ही उदाहरण हैं। ये सभी नेता किसी अन्य पार्टी से लेकर आए गए और बड़ी जिम्मेदारियों से नवाजे गए।
