

नई दिल्ली: अभी ईद से पूर्व सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के नेताओं के द्वारा इस मामले पर विवाद और तमाम तरह की बयानबाजियां हुईं थी। इस मामले पर कैराना लोकसभा सीट से सपा की सांसद इकरा हसन ने भी अपनी टिप्पणी रखी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे भाजपा विधायकों पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, 2014 से यह सरकार सिर्फ नफरत फैला रही है। अब जब पूरा देश 'सौगात-ए-मोदी' की बात कर रहा है, तो मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी सौगात यही होगी कि उन्हें उनका हक दिया जाए। हमारे बुजुर्गों का खून इस देश की मिट्टी में समाया हुआ है और हम कहीं नहीं जाएंगे। सरकारें आती-जाती रहती हैं।
सपा की सांसद इकरा हसन ने कहा कि हमारे बुजुर्गों का खून भी इस देश की मिट्टी में समाया हुआ है, और वे अब कहीं नहीं जाने वाले हैं। सरकार का क्या ये तो आती जाती रहती हैं। आज उनकी तानाशाही चल रही है, लेकिन यह हमेशा नहीं चलने बाली है। वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ एआईएमपीएलबी के काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर उन्होंने कहा कि "मुझे खुशी है कि सरकार से जुड़े कुछ लोग इतनी समझ रखते हैं कि वे आगे आकर इसके (वक्फ संशोधन विधेयक) खिलाफ बोल रहे हैं। उम्मीद है कि सरकार समझेगी और ऐसे तानाशाही आदेश वापस लेगी।
सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर इन दिनों विवाद लगातार हो रहा है। दिल्ली में तो कुछ इलाकों में सड़कों पर नमाज अदा न किए जाने को लेकर निर्देश भी जारी कर दिए हैं। अब ईद से पहले दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने अपने बयानों से इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा है कि सड़क पर नमाज पढ़कर अन्य लोगों की परेशानी नहीं बढ़ानी चाहिए। इससे पहले भाजपा विधायक करनैल सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिखकर मांग की थी कि ईद के दिन सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति न दी जाए। इससे आम लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मुस्लिम समुदाय में इस प्रकार की बयानबाजी और मांगों से नाराजगी है।
सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे भाजपा विधायकों पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, 2014 से यह सरकार सिर्फ नफरत फैला रही है। अब जब पूरा देश 'सौगात-ए-मोदी' की बात कर रहा है, तो मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी सौगात यही होगी कि उन्हें उनका हक दिया जाए। हमारे बुजुर्गों का खून इस देश की मिट्टी में समाया हुआ है और हम कहीं नहीं जाएंगे।