2024 चुनाव में BJP की सीटें कम होने का महिला वोटर्स से क्या है कनेक्शन? स्मृति ईरानी ने दिया चौंकाने वाला जवाब
Smriti Irani: नवभारत कॉन्क्लेव 2026 में स्मृति ईरानी ने कहा कि भारतीय महिलाएं केवल मतदाता नहीं हैं, बल्कि वे विकास और सुविधाओं को देखकर सोच-समझकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी तय करती हैं।
- Written By: अक्षय साहू
नवभारत कॉन्क्लेव 2026 में शामिल हुई स्मृति ईरानी
Smriti Irani in Navbharat Leadership Conclave 2026: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और मतदान को लेकर कहा कि मानना गलत है कि भारत की महिलाएं राजनीति में रुचि नहीं रखतीं। उनके अनुसार, महिलाएं सोच-समझकर मतदान करती हैं और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। स्मृति ईरानी ने यह बयान नवभारत द्वारा दिल्ली में आयोजित विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में दिया।
स्मृति ईरानी ने कहा कि राजनीति में सक्रिय होने का मतलब केवल चुनाव लड़ना या मंत्री बनना नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदान करना भी लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा, अगर महिलाएं राजनीति में रुचि नहीं रखतीं, तो वे लगातार बढ़-चढ़कर मतदान क्यों करतीं? महिलाएं देश की राजनीति को समझती हैं और सोच-समझकर अपना वोट देती हैं।
महिलाएं विकास के आधार पर वोट देती हैं
ईरानी ने कहा कि कई शोध बताते हैं कि महिलाएं ऐसे नेताओं को वोट देती हैं, जो समाज और परिवार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। उनके मुताबिक, महिलाएं यह देखती हैं कि किस सरकार ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सुविधाओं में कितना काम किया है। इसी आधार पर वे अपना मतदान करती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
14 साल से कर रही हूं न्याय का इंतजार, स्मृति ईरानी ने सुनाया किस्सा, बोली- सत्ता में रही लेकिन कभी भी…
अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं नहीं करती सही आकलन? स्मृति ईरानी का बड़ा आरोप, बोलीं- भारतीय महिलाओं को करते हैं इग्नोर
मौर्य काल में महिलाएं संभालती थीं SPG की जिम्मेदारी! नवभारत कॉन्क्लेव में स्मृति ईरानी ने किया बड़ा दावा
‘साइलोस’ छोड़ ‘सिनर्जी’ की राह पर बढ़ा देश, 146 करोड़ नागरिकों के लिए मोदी सरकार का नया विजन
स्मृति ईरानी
2024 में महिलाओं की वोटिंग बढ़ी
लोकसभा चुनाव 2024 का जिक्र करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं का मतदान प्रतिशत पहले की तुलना में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सीटें 240 पर रुकने का महिलाओं की वोटिंग से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार, महिलाओं की चुनावी भागीदारी बढ़ी है और इसे चुनाव आयोग के आंकड़ों से भी देखा जा सकता है।
महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र की ताकत
स्मृति ईरानी ने इस धारणा को भी खारिज किया कि सामान्य परिवारों की महिलाएं राजनीति में रुचि नहीं रखतीं। उन्होंने कहा कि देश की आम महिलाएं राजनीतिक घटनाओं पर नजर रखती हैं, अपनी राय बनाती हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि उनसे पूछकर देखा जा सकता है कि वे राजनीति में कितनी रुचि रखती हैं।
यह भी पढ़ें- मौर्य काल में महिलाएं संभालती थीं SPG की जिम्मेदारी! नवभारत कॉन्क्लेव में स्मृति ईरानी ने किया बड़ा दावा
अपने संबोधन के अंत में स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र महिलाओं की भागीदारी से और मजबूत हुआ है। उनके अनुसार, महिलाएं केवल मतदाता नहीं हैं, बल्कि वे देश की नीतियों और विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
