14 साल से कर रही हूं न्याय का इंतजार, स्मृति ईरानी ने सुनाया किस्सा, बोली- सत्ता में रही लेकिन कभी भी...

Navbharat Leadership Conclave 2026: स्मृति ईरानी ने महिलाओं की सुरक्षा और वन स्टॉप सेंटर्स पर बात करते हुए बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद वे खुद 14 साल से न्याय का इंतजार कर रही हैं।
Smriti Irani on Women Safety and Justice
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्मृति ईरानी
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Smriti Irani on Women Safety and Justice: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी हाल ही में दिल्ली में नवभारत की ओर से आयोजित हुए ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बीते 12 सालों में कई ऐतिहासिक काम किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में  न्याय व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई फास्ट ट्रैक कोर्ट शुरू किए हैं।  स्मृति ईरानी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा यह है कि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष और बिना किसी हस्तक्षेप के चले। इस दौरान उन्होंने अपना एर अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वो एक 14 पुराने मामले को लेकर कोर्ट में पेश होती हैं। जबकि वो केंद्रीय मंत्री के पद पर रह चुकी है, लेकिन उन्होंने कभी भी कानूनी इंसाफ के रास्ते में नहीं आई।

14 साल से कर रही हूं इंसाफ का इंजतार

स्मृति ईरानी कहा कि वह साल 2012 से एक मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में नियमित रूप से पेश हो रही हैं। उन्होंने कहा,  मैं 10 साल तक केंद्रीय मंत्री रही, लेकिन कभी अपने पद का इस्तेमाल जल्दी न्याय पाने के लिए नहीं किया। आज भी कोर्ट में आम नागरिक की तरह हाजिरी लगाती हूं और न्याय का इंतजार कर रही हूं। ईरानी ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका की अपनी स्वतंत्र और महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज, दोनों को न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि महिलाओं से जुड़े मामलों में समय पर न्याय मिलना बेहद जरूरी है।

पीएम मोदी ने शुरू किए वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की अवधारणा शुरू की। उन्होंने बताया कि पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी, जहां पीड़ित महिला को एक ही जगह पर रहने की सुविधा, पुलिस सहायता, मुफ्त कानूनी मदद और चिकित्सा सुविधा मिल सके। ईरानी के अनुसार, आज देशभर में 730 से अधिक वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर संचालित हो रहे हैं, जो जरूरतमंद महिलाओं की मदद कर रहे हैं।

Smriti Irani on Women Safety and Justice
नवभारत कॉन्क्लेव में उद्यमियों को सम्मानित करती स्मृति ईरानी

उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों का जल्दी निपटारा हो, इसके लिए सरकार ने 1,065 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए। स्मृति ईरानी ने बताया कि जब वह केंद्र सरकार में मंत्री थीं, तब तक इन अदालतों के माध्यम से करीब दो लाख मामलों में महिलाओं को न्याय मिल चुका था।

महिलाओं की परीक्षा अब भी जारी है

अपने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह खुद 14 साल से न्याय का इंतजार कर रही हैं, तो यह दिखाता है कि न्यायिक प्रक्रिया को और तेज बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं ने हमेशा कई तरह की चुनौतियों का सामना किया है और आज भी उन्हें न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिलने से उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और भविष्य में उनकी भागीदारी और बढ़ेगी।

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