मौर्य काल में महिलाएं संभालती थीं SPG की जिम्मेदारी! नवभारत कॉन्क्लेव में स्मृति ईरानी ने किया बड़ा दावा
Smriti Irani on Women Empowerment: नवभारत कॉन्क्लेव 2026 में स्मृति ईरानी ने कहा कि भारतीय इतिहास में महिलाओं को हमेशा से आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा और देश के शासन में महत्वपूर्ण भूमिका मिलती रही है।
- Written By: अक्षय साहू
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
Smriti Irani in Navbharat Conclave 2026: नवभारत द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिलाओं की भूमिका, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और राजनीति में उनकी भागीदारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं को सिर्फ आज नहीं, बल्कि सदियों से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती रही हैं।
स्मृति ईरानी ने कहा कि यह कहना गलत है कि भारत में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण आधुनिक दौर की देन है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और इतिहास में महिलाओं को हमेशा सम्मान और जिम्मेदारी मिली है।
महिलाओं का अर्थव्यवस्था से पुराना रिश्ता
उन्होंने कहा कि प्राचीन ग्रंथ अर्थशास्त्र में भी कामकाजी महिलाओं का उल्लेख मिलता है। उसमें यह भी बताया गया है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी द्वारा किसी कामकाजी महिला का शोषण किया जाता है, तो उसे क्या दंड दिया जाएगा। ईरानी ने कहा कि इसका मतलब साफ है कि उस समय भी महिलाएं काम कर रही थीं और उनकी सुरक्षा तथा अधिकारों की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी मानी जाती थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अर्थव्यवस्था से जुड़ना भारत का सामाजिक स्वभाव रहा है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि महिलाओं को केवल आधुनिक भारत में ही आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।
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मौर्य साम्राज्य में SPG का काम करती थी महिलाएं
स्मृति ईरानी ने मौर्य साम्राज्य का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय महिलाएं राजा की सुरक्षा के लिए सैनिकों के रूप में तैनात रहती थीं। उन्होंने इसकी तुलना आज के SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) से करते हुए कहा कि महिलाओं को सिर्फ परिवार या समाज तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें सुरक्षा जैसी अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी जाती थीं।
उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं को केवल शक्ति के रूप में पूजा ही नहीं गया, बल्कि उन्हें राज्य की सुरक्षा और प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई। इसलिए यह धारणा गलत है कि महिलाओं को केवल सृजन या पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित रखा गया।
आज भी महिलाएं निभा रही हैं बड़ी जिम्मेदारियां
स्मृति ईरानी ने कहा कि आज देश की सर्वोच्च सेनापति (सुप्रीम कमांडर ऑफ द आर्म्ड फोर्सेज) एक आदिवासी परिवार से आने वाली महिला हैं। यह भारत के लोकतंत्र और महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में महिलाओं को सशस्त्र बलों में परमानेंट कमीशन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मिली हैं, जिससे उनकी भूमिका और मजबूत हुई है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान, अधिकार और अवसर मिले हैं। इसलिए महिलाओं के इतिहास और योगदान को सही संदर्भ में समझना और प्रस्तुत करना जरूरी है। उनके अनुसार, भारत की पहचान केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि महिलाओं को मिले सम्मान और उनकी भागीदारी से भी बनती है।
