
शशि थरूर, फोटो- सोशल मीडिया
Shashi Tharoor on Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला पर हुए ताबड़तोड़ हमले ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भूचाल ला दिया है। भारत में भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर और अन्य दिग्गजों ने तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर इसके संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया है।
शनिवार की सुबह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी हलचल लेकर आई, जब अमेरिका ने अचानक वेनेजुएला पर हमला बोल दिया। इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है। इस सैन्य हस्तक्षेप ने न केवल लैटिन अमेरिका में अस्थिरता पैदा की है, बल्कि पूरी दुनिया को इस चिंता में डाल दिया है कि भविष्य में वैश्विक तेल आपूर्ति और कूटनीतिक संतुलन का क्या होगा। भारत में भी राजनीतिक गलियारों और विदेश मामलों के जानकारों के बीच इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
थरूर का विश्लेषण वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक माना जाता है, इसलिए स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठा कि क्या भारत में ईंधन की कीमतें आसमान छुएंगी? इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने स्थिति स्पष्ट की है। थरूर के अनुसार, भारत फिलहाल वेनेजुएला से बहुत अधिक मात्रा में तेल का आयात नहीं कर रहा है। इस तकनीकी कारण से, वहां जारी युद्ध या सैन्य कार्रवाई का भारत की घरेलू तेल कीमतों पर तत्काल और बहुत ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि ट्रंप प्रशासन के तहत हो रहे ये नए घटनाक्रम बाकी दुनिया के लिए एक गंभीर संकेत हैं, जिन पर प्रतिक्रिया देना और नजर रखना जरूरी है।
शशि थरूर ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर गंभीर चिंता जताते हुए इसे ‘जंगल का कानून’ करार दिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। थरूर के मुताबिक, दुनिया को इन घटनाक्रमों पर न केवल नजर रखनी चाहिए बल्कि वैकल्पिक समाधान भी खोजने चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस दिशा में 2 अप्रैल की डेडलाइन के लिए कोशिशें की जा रही हैं।
इस सैन्य हमले को लेकर भारत के अन्य प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अमेरिकी कार्रवाई को पुरानी ‘साम्राज्यवादी शैली’ की राजनीति की वापसी बताया है। सिंघवी ने कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब क्रूज मिसाइलों के जरिए सत्ता परिवर्तन और युद्धपोतों के माध्यम से लोकतंत्र स्थापित किया जाएगा? उन्होंने इसे वैश्विक नेतृत्व नहीं बल्कि संप्रभुता का पुनर्लेखन करार दिया।
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दूसरी ओर, शिवसेना नेता शाइना एनसी ने भी इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने भारत और वेनेजुएला के वर्षों पुराने मजबूत और सौहार्दपूर्ण राजनयिक संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी देश पूरी दुनिया को इस तरह धमकाने का जोखिम नहीं उठा सकता। उनके अनुसार, भारत ने लैटिन और दक्षिण अमेरिका के साथ अपने संबंधों को बहुत सावधानी से आगे बढ़ाया है, जिसे देखते हुए यह हमला एक गंभीर विषय है।






