'कुम्भ में मुसलमानों का कोई कार्य नहीं', शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान
नई दिल्ली: प्रयागराज के संगम तट पर महाकुंभ के लिए मंच तैयार है। हिंदू धर्म का सबसे बड़ा समागम 2 महीने बाद जनवरी में होने होने वाला है। इस पवित्र समागम में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर विवाद छिड़ गया है। एक समूह तर्क दे रहा है कि मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए, वहीं दूसरा समूह इस बात पर जोर देता है कि उनको प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए।
इस मामले पर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा कि मुसलमानों का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल मक्का शरीफ, वहां पर 40 किलोमीटर पहले ही गैर मुसलमानों को रोक दिया जाता है। इसलिए, कुम्भ में भी मुसलमानों का कोई कार्य नहीं है और वैसे भी मुसलमानों की ओर से कोई मांग नहीं की गई है। राजनीतिक दलों की तरफ से केवल माहौल बनाने का काम किया गया।
गाय की हत्या के मुद्दे पर शंकराचार्य ने कहा कि हमें कश्मीर के मुसलमानो ने कहा कि गौहत्या पर महाराज जी कड़ा कानून बनवाइ हम समर्थन करेंगे। गौ हत्या पर पाबंदी के लिए हमें मुसलमानों तथा ईसाइयों का भी समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि अगर योगी सरकार गौ माता को राज्यमाता का दर्जा देती है तो हम सब कुछ उनके नाम कर देंगे। मठ उनके नाम कर देंगे और उनके नौकर बन जाएंगे।
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शंकराचार्चय ने आगे कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की असली हालात को जानने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही बांग्लादेश जाएगा। वहीं, इस पर हो रही राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि संविधान की ओर से धर्मनिरपेक्षता की शपथ ली जाती है लेकिन बाहर आकर कहा जाता है कि हम केवल हिंदुओं की पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि किसी ने भी एफिडेविट पर नहीं कहा कि हम हिंदुओं की पार्टी हैं। यह पार्टी का दोहरा चरित्र होता है।
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