Republic Day 2025: ये मेजर डिंपल भाटी कौन हैं? जिनके नेतृत्व में कर्तव्य पथ पर बना रिकॉर्ड, यहां जानिए

डिंपल भाटी जोधपुर की निवासी हैं और वर्तमान में भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनका सेना में करियर काफी प्रेरणादायक है। डिंपल की पहली पोस्टिंग लेफ्टिनेंट के रूप में जम्मू कश्मीर में हुई थी। पासिंग आउट परेड...
Republic Day 2025: ये मेजर डिंपल भाटी कौन हैं? जिनके नेतृत्व में कर्तव्य पथ पर बना रिकॉर्ड, यहां जानिए
मेजर डिंपल सिंह भाटी, फोटो - सोशल मीडिया
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नवभारत डिजिटल डेस्क : भारत का 76वां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मनाया गया, जहां एक भव्य परेड का आयोजन हुआ। इस परेड में भारतीय सेना की प्रसिद्ध मोटरसाइकिल राइडिंग टीम, "द डेयरडेविल्स", ने शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान टीम ने दो नए विश्व रिकॉर्ड भी बनाए। यह टीम भारतीय सेना के सिग्नल कोर के तहत काम करती है और मोटरसाइकिल पर विभिन्न करतब दिखाती है।

परेड में टीम ने कई दिलचस्प और कठिन करतब किए, जैसे बुलेट व्हीली, लैडर सैल्यूट, थ्री पीक डेविल फॉर्मेशन, मर्करी पीक, शत्रुजीत, इन्फो वॉरियर्स, लोटस और ह्यूमन पिरामिड। इन सभी करतबों के साथ परेड की शुरुआत हुई। इस दौरान, मेजर डिंपल भाटी ने 12 फीट ऊंची सीढ़ियों से बाइक पर सैल्यूट (सलामी) देकर एक नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया।

बाइक राइडिंग टीम का नेतृत्व कर रही थीं मेजर डिंपल भाटी

मेजर डिंपल भाटी भारतीय सेना में सिग्नल कोर की बाइक राइडिंग टीम का नेतृत्व कर रही थीं। उनका प्रदर्शन खास था, और उन्होंने टीम के सभी करतबों को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया। डिंपल भाटी की यह उपलब्धि उन्हें सुर्खियों में ला चुकी है। आइए ऐसे में जानते हैं कि कौंन हैं मेजर डिंपल भाटी?

कौंन हैं मेजर डिंपल भाटी?

डिंपल भाटी जोधपुर की निवासी हैं और वर्तमान में भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनका सेना में करियर काफी प्रेरणादायक है। डिंपल की पहली पोस्टिंग लेफ्टिनेंट के रूप में जम्मू कश्मीर में हुई थी। पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें 180 कैडेट्स में सिल्वर मेडल से नवाजा गया था।

बड़ी बहन सेना में कैप्टन

उनकी बड़ी बहन, दिव्या सिंह भी भारतीय सेना में कैप्टन हैं। डिंपल के पिता बीएस भाटी एक बैंक अधिकारी हैं, जबकि उनकी मां एक हाउसवाइफ हैं। डिंपल का छोटा भाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। डिंपल के दादा, शैतान सिंह ने 1962 में चीन के साथ युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी थी और उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। मेजर डिंपल भाटी की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत और साहस को दर्शाती है, बल्कि भारतीय सेना के प्रति उनके समर्पण को भी उजागर करती है।

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