सदन में नड्डा की फिसली जुबान, खड़गे को बताया मेंटल; हंगामे के बाद तुरंत माफी

Rajya Sabha में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान सियासी पाराखूब चढ़ा, जब नेता सदन नड्डा ने विपक्ष के नेता खड़गे मेंटल बैलेंस को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद उन्होंने अपने बयान पर मांफी भी मांगी।
राज्यसभा में गरमा-गरमी: 'मेंटल बैलेंस' टिप्पणी पर भिड़े नड्डा-खड़गे, माफी के बाद भी नहीं थमा हंगामा
राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा व नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (फोटो- संसद टीवी)
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JP Nadda vs Kharge: राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सदन के नेता जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस देखने को मिली। खड़गे पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। यह पार्टी और देश के लिए गौरव की बात है। लेकिन आप पार्टी से इतना जुड़ गए हैं कि देश का विषय गौंड हो जाता है इसलिये आप मानसिक संतुलन खोकर इस तरह के बयान देते हैं।

नड्डा के मेंटल बैलेंस के बिगड़ने की बात कहते है सदन में शोर गुल शुरू हो गया और इसे देखते हि नड्डा ने तुरंत अपने शब्द को वापस लेने की बात कही साथ ही उन्होंने नेता विपक्ष से माफी भी मांग ली।

'मानसिक संतुलन खो रहे हैं...'

जेपी नड्डा के इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख जेपी नड्डा ने कहा कि मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि मानसिक असंतुलन नहीं, भावावेश करके रिकॉर्ड पर रखें। कृपया उन शब्दों को हटा दें, यही मैं कहूंगा। लेकिन नड्डा के बयान पर हंगामा नहीं रुका और विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि खड़गे जी बहुत वरिष्ठ नेता हैं और अगर उन्हें मेरे शब्दों से ठेस पहुंची है, तो मैं शब्द वापस लेता हूं। नड्डा ने आगे कहा कि खड़गे जी ने भावावेश होकर जो शब्द कहे हैं, वे उनकी पार्टी और उनके नेतृत्व से मेल नहीं खाते और ऐसे में उन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर कर देना चाहिए।

नड्डा के बयान पर खड़गे भड़के

जेपी नड्डा के बाद खड़गे ने कहा कि मैं नड्डा साहब का सम्मान करता हूं। राजनाथ सिंह और नड्डा साहब कुछ ऐसे मंत्री हैं जो बिना संतुलन खोए बात करते हैं। लेकिन वह मुझे मेंटल कह रहे हैं, यह शर्म की बात है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए, मैं जाने वाला नहीं हूं। इस पर फिर नड्डा ने कहा कि मैंने अपने शब्द वापस ले लिए हैं और अगर आपकी भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं माफी भी मांगता हूं। जेपी नड्डा ने आगे कहा कि लेकिन आप भावनाओं में बह गए, आप इतने बह गए कि आप प्रधानमंत्री की गरिमा का भी ध्यान नहीं रख पाए, इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है।

हर बात के लिए कांग्रेस को दोष देना बंद करो

इससे पहले खड़गे ने अपने संबोधन में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विफलताओं के लिए कांग्रेस को दोष देना बंद करें। पीएम मोदी संसद में बोलना नहीं चाहते। देश ने आपको प्रधानमंत्री बनाया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में भगवान की पूजा मत कीजिए। किसी व्यक्ति को भगवान मत बनाइए। यह देशहित में नहीं है। अगर हम एक-दूसरे को कुचलने की कोशिश करेंगे, तो देश नहीं बनेगा।

उन्होंने कहा कि 55 साल से मैं किसी न किसी तरह विधायक-सांसद रहा हूं, लेकिन मुझे यह सजा मिली है। मैं गद्दार हूं, हम गद्दार हैं। मैं कहूंगा कि आप लोग देशद्रोही हैं, आपने देश के साथ गद्दारी की। आपने अंग्रेजों के साथ काम किया, स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने सभापति से कहा कि अगर आप हर बात से सहमत नहीं हैं, तो आपका हश्र भी मेरे जैसा ही होगा।

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