

Operation Mahadev: लोकसभा में आज गृहमंत्री अमित शाह की बड़ी घोषणा में आतंकवाद विरोधी मोर्चे पर भारत की निर्णायक कार्रवाई को रेखांकित किया। शाह ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के तीनों पाकिस्तानी आतंकियों को 'ऑपरेशन महादेव' में मार गिराया गया है। इस पर फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया ने सबका ध्यान खींचा "मुझे नहीं पता कौन थे, क्या थे… अगर गृहमंत्री कह रहे हैं तो मुबारक हो!" अब्दुल्ला के इस बयान से एक नई बहस को और जन्म दे दिया है।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसमें 26 मासूम लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मिशन मोड में काम किया और दाछिगाम क्षेत्र में आतंकियों को घेरकर मार गिराया गया। अमित शाह ने कहा कि सेना, CRPF और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। यह देश की सुरक्षा नीति की मजबूती का परिचायक है।
गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में बताया था कि दाछिगाम क्षेत्र में चलाए गए ऑपरेशन महादेव में लश्कर-ए-तैयबा के तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने आतंकियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी और खुफिया इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शाह ने स्पष्ट किया कि ये सभी आतंकी पाकिस्तान से संबंध रखते थे और पहलगाम हमले के पीछे इनकी ही साजिश थी।
गृहमंत्री ने इस अभियान को सुरक्षा एजेंसियों की सटीक योजना और समर्पण का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
आरएसएस और भाजपा के लंबे समय से आलोचक रहे नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने ऑपरेशन महादेव पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “न मैं जानता हूं कौन थे, क्या थे… अगर गृहमंत्री कह रहे हैं तो मुबारक हो।” उनके इस कथन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है क्या ये बयान सवाल हैं या तटस्थ बधाई?