माफी देने की जरूरत नहीं, PM खुद मांगें माफी...राहुल गांधी ने बोला हमला, NEET पेपर लीक पीड़ितों से की मुलाकात

Rahul Gandhi News: राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को नहीं, प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।
rahul gandhi meets neet paper leak victim
राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक पीड़ितों से की मुलाकात (Image- X/@rahulgandhi)
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Rahul Gandhi on Education System: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए परीक्षा व्यवस्था और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

हर युवा की मौत के पीछे एक टूटता हुआ परिवार

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हर ऐसी घटना के पीछे एक ऐसा परिवार होता है, जिसका दर्द कभी खत्म नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और वर्षों की मेहनत के एक झटके में खत्म हो जाने से देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

सिस्टम ही छात्रों के साथ ईमानदार नहीं

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों से ईमानदारी से मेहनत करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन जिस व्यवस्था में वे परीक्षा देते हैं, वही उनके साथ ईमानदार नहीं है। राहुल गांधी के अनुसार, लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों के विश्वास को प्रभावित किया है।

पीएम मोदी पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने न तो उन माता-पिता से मुलाकात की है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है और न ही उन छात्रों से, जिनका भविष्य पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की ओर से माफी मिलने की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक और बार-बार परीक्षाएं रद्द होने जैसी घटनाएं केवल प्रशासनिक विफलता नहीं हैं, बल्कि ये लाखों छात्रों की मेहनत, समय और सपनों पर सीधा असर डालती हैं। राहुल ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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