सरकार की सोची‑समझी साजिश थी…बिल पास तो भी जीत और गिरे तो भी जीत, महिला आरक्षण पर बोलीं प्रियंका गांधी
Women Reservation Bill: वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर बोला हमला। उन्होंने बिल गिरने को लोकतंत्र की जीत बताया और केंद्र पर परिसीमन के जरिए साजिश रचने का आरोप लगाया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
प्रियंका गांधी (Image- Social Media)
Priyanka Gandhi on Women Reservation: महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला। वायनाड सांसद ने कहा, “कल जो हुआ, वह लोकतंत्र की जीत है और यह विपक्षी एकता की भी जीत है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दो राज्यों के चुनाव के बीच जल्दबाजी में संसद का विशेष सत्र बुलाया और एजेंडा तक स्पष्ट नहीं किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार इस विधेयक को पास कर अपनी मनमानी करना चाहती थी और विपक्ष को महिला विरोधी दिखाने की कोशिश कर रही थी।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने परिसीमन से जुड़ी कथित “साजिश” को विफल कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष यह मांग कर रहा है कि पहले से पारित कानून को ही लागू किया जाए। उन्होंने कहा कल लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई। उन्होंने कहा विधानसभा चुनावों के बीच सत्र बुलाने से हम सब हैरान थे।
पुराना कानून लागू करने की मांग
कांग्रेस सांसद ने कहा कि तीन साल पहले जो कानून पास हुआ था, उसका नोटिफिकेशन अब जारी किया गया है, जबकि विपक्ष को इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह उसी कानून को लागू करे, क्योंकि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में मजबूती से खड़ा है, लेकिन लोकतंत्र और देश की अखंडता को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश का समर्थन नहीं करेगा।
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प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि चुनावों के बीच जल्दबाजी में संसद सत्र बुलाया गया और बिल का मसौदा केवल एक दिन पहले सामने रखा गया। उन्होंने कहा, “यह एक सोची-समझी रणनीति थी। सरकार ने सोचा था कि बिल पास हो जाए तो भी फायदा, और गिर जाए तो भी राजनीतिक लाभ मिलेगा।”
खुद को महिलाओं का मसीहगा बनाने की कोशिश
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने खुद को महिलाओं का हितैषी साबित करने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल किया और महिलाओं को एक तरह से राजनीतिक ढाल बनाया। प्रियंका गांधी ने हाथरस, मणिपुर और महिला खिलाड़ियों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावे जमीनी सच्चाई से मेल नहीं खाते।
प्रियंका गांधी के अनुसार, यह प्रस्ताव केवल महिला आरक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका संबंध परिसीमन से भी था। उन्होंने कहा कि इसके जरिए राजनीतिक संतुलन बदलने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि विपक्ष एकजुट होकर सरकार को चुनौती दे सकता है।
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‘ब्लैक डे’ को लेकर उन्होंने कहा कि यह दिन इसलिए मनाया जा रहा है क्योंकि सरकार को पहली बार बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। साथ ही उन्होंने मांग की कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व मिल सके।
