

Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु के डिंडीगुल में मुख्यमंत्री M. K. स्टालिन ने परिसीमन मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने जो “चिंगारी” भड़काई थी, उसकी आंच दिल्ली तक पहुंची और इससे बीजेपी और पीएम मोदी को बड़ा झटका लगा है।
स्टालिन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में यह शायद पहली बड़ी हार है और यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इसका असर साफ दिखाई देगा।
परिसीमन विधेयक के लोकसभा में पास न होने पर उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दी गई जिम्मेदारी के बल पर उनकी इस लड़ाई ने “दिल्ली के अहंकार को खत्म कर दिया।” उन्होंने इसे परिसीमन के खिलाफ अपनी लड़ाई की जीत बताया। DMK के अध्यक्ष स्टालिन ने अपने गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (अन्नाद्रमुक) के नेता के पलानीस्वामी के लिए भी चुनाव से पहले एक बड़ी हार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव के दौरान यह विधेयक लाकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन तमिलनाडु सतर्क रहा।
स्टालिन ने कहा, “तमिलनाडु ने दिल्ली को हरा दिया। तमिलनाडु लड़ा और जीता।” उनके अनुसार, दक्षिण भारत एकजुट होकर खड़ा रहा और लोकतंत्र की जीत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार चाहती तो महिला आरक्षण विधेयक को अलग से पारित कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और महिलाएं इस बात को देख रही हैं।
विधेयक के गिरने के बाद CM स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह परिसीमन विधेयक की प्रति जलाते हुए नजर आए। इस विधेयक में 2029 तक महिलाओं को विधायिकाओं में आरक्षण देने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान था।
द्रमुक नेताओं ने इस मौके पर जश्न मनाते हुए मिठाइयां बांटीं और पटाखे जलाए। स्टालिन ने कहा कि 23 अप्रैल को तमिलनाडु की जनता “दिल्ली के अहंकार” और उसका समर्थन करने वालों को जवाब देगी।