आज अगर चाणक्य जिंदा होते...गहमागहमी के बीच प्रियंका ने अमित शाह पर कसा तंज, तो ठहाकों से गूंज उठा संसद

Women Reservation Bill: लोकसभा में प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे राजनीतिक कुटिलता बताया, जिस पर अमित शाह के ठहाकों ने सदन का माहौल खुशनुमा कर दिया।
Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill
प्रियंका गांधी, अमित शाह (सोर्स- सोशस मीडिया)
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Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण (Women Reservation)और परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला सांसदों के लिए आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन विवाद आरक्षण पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि इस विधेयक में राजनीतिक मंशा झलक रही है।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए ओबीसी वर्ग के अधिकारों को प्रभावित करना चाहती है और इसके पीछे एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर चाणक्य आज जीवित होते, तो सरकार की “राजनीतिक कुटिलता” देखकर हैरान रह जाते। उनके इस बयान पर अमित शाह ठहाके लगाकर हंस पड़े, और सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से हंसी गूंज उठी।

महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस

वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण (Women Reservation) का समर्थन करती है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि इस विधेयक में राजनीतिक मंशा नजर आती है। उन्होंने इसे केंद्र की एनडीए सरकार का “पॉलिटिकल ट्रम्प कार्ड” बताया, जो चुनावी लाभ के लिए लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले के बयान का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने के साथ-साथ संविधान की भावना को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं पर दबाव बना रही है।

सरकार की मंशा पर सवाल

प्रियंका गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही 33% आरक्षण क्यों लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह संविधान संशोधन विधेयक मौजूदा स्वरूप में पारित हुआ, तो लोकतंत्र पर असर पड़ सकता है।

जवाहरलाल नेहरू का जिक्र

अपने भाषण के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया। प्रियंका ने बताया कि 1928 में मोतीलाल नेहरू की रिपोर्ट में मौलिक अधिकारों की बात की गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से विचार होता रहा है।

पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि तीखे राजनीतिक आरोपों के बीच भी माहौल कई बार हल्का और हास्यपूर्ण बन गया, जब प्रियंका गांधी और अमित शाह सहित कई सांसद खुलकर हंसते नजर आए।

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