कर्नाटक में RSS पर बैन! संविधान के खिलाफ काम करने का आरोप; CM सिद्धारमैया ने दिया ऐक्शन का आदेश
RSS: भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि अपनी असफलताओं से जनता का ध्यान खींचने के लिए सरकार चाहती है कि एक नया मुद्दा खड़ा हो जाए। पिछले दिनों डीके शिवकुमार ने विधानसभा में आरएसएस की तारीफ की थी।
- Written By: मनोज आर्या
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, (कॉन्सेप्ट फोटो)
RSS Banned In Karnataka: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं और उसका देश भर में जश्न मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी वर्ष से जुड़े एक कार्यक्रम में भाग लिए थे और आरएसएस के सम्मान में डाक टिकट और सिक्का जारी किया था। लेकिन अब कर्नाटक में उसकी गतिविधियों पर बैन भी लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कर्नाटक सरकार को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने आरएसएस पर आरोप लगाया है कि वे संविधान के खिलाफ काम करते हैं। उनकी ओर से युवाओं और बच्चों को उकसाया जाता है ताकि देश की एकता और अखंडता पर पैदा हो।
अब इस लेटर के आधार पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य की चीफ सेक्रेटरी शालिनी रजनीश से कहा है कि वे पूरे मामले को समझें और उसकी जानकारी लेने के बाद जरूरी ऐक्शन लें। प्रियांक खरगे के इस मांग पर बीजपी ने तीखा विरोध जाहिर किया है।
भाजपा का कांग्रेस सरकार पर पलटवार
भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि अपनी असफलताओं से जनता का ध्यान खींचने के लिए सरकार चाहती है कि एक नया मुद्दा खड़ा हो जाए। इसके अलावा कांग्रेस में सीएम पद के लिए मची अंदरुनी कलह को भी इसकी एक वजह बताया जा है। गौरतलब है कि पिछले दिनों डीके शिवकुमार ने विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थन की दो पंक्तियां सुनाई थीं और उसकी तारीफ की थी।
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‘नफरत का बीज बो रहा RSS’
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में प्रियांक खरगे ने मांग की है कि आरएसएस की गतिविधियों पर पूरी तरह से बैन लगाया जाए। जैसे शाखा और बैठकों पर पाबंदी लगें। इसके अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगे। सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त विद्यालयों, खेल के मैदान आदि पर शाखाएं ना लगने दी जाएं। इसके अलावा सरकार के अंतर्गत आने वाले मंदिरों के इस्तेमाल पर भी रोक लगे। प्रियांक ने कहा कि आरएसएस अपनी गतिविधियों से नफरत के बीच बो रहा है। पुलिस से इजाजत के बिना ही आरएसएस के कार्यकर्ता लाठी लेकर चलते हैं।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि संघ की बढ़ती लोकप्रियता कांग्रेस को पच नहीं रही है। अब वह असहिष्णु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से खिलाफ ही रही है, लेकिन आरएसएस की अपनी भूमिका है और देश की रक्षा के लिए वह हमेशा आगे रहा है।
