कर्नाटक में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, पाकिस्तान से जुड़े दो युवक UAPA के तहत गिरफ्तार
Karnataka Tumakuru Police: केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सूचना पर पुलिस ने पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी हैंडलर राणा उमर से संपर्क रखने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
कर्नाटक आतंकवादी में शामिल अल्लाबाकाश और जमीर खान फाइल फोटो (सोर्स- IANS)
Karnataka Two Youth Arrested Links With Pakistan: केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने कर्नाटक के बड़े आतंकी मॉड्यूल का भांडाफोड़ किया है। कर्नाटक के तुमकुरु पुलिस ने शुक्रवार को श्रीरामनगर निवासी अल्लाबाकाश (23) और दावणगेरे के राजमिस्त्री जमीर खान (23) को अरेस्ट किया है। दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर संपर्क बना के रखते थे। हालांकि पुलिस ने दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी सामने के बाद पता चला है, कि इन दोनों युवकों ने भारत के खिलाफ अन्य लोगों को संगठित करने और विघटनकारी गतिविधियों में बाधा डालने का प्रयास किया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये लोग भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे। जिन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तारियां की गईं।
खुफिया इमपुट के आधार पर गिरफ्तारी
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुष्ट जानकारी के आधार पर तुमकुरु क्षेत्र कि पुलिस ने इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पता चला कि पाकिस्तान में मौजूद मोस्ट वांटेड आतंकवादी राणा उमर दोनो आरोपियों का मुख्य हैंडलर था।
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जो तुमकुरु मे पकड़े गए आरोपियों के सहायता से पाकिस्तानी हैंडलर क्षेत्र में सफलतापूर्वक एक संगठित नेटवर्क खड़ा कर रहा था।
कुख्यात अपराधियों की लिस्ट में है राणा
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 4 जून को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के द्वारा मिली सूचना के आधार पर शुरू की गई थी। जब क्याथासंद्रा पुलिस ने आरोपी अल्लाबख्श के मोबाइल फोन की जांच की। पुलिस के पूछताछ मे सामने आया कि वह कथित तौर पर इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान स्थित राणा भाई नामक व्यक्ति से हिंदी में बातचीत कर जानकारी को साझा कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि बातचीत में कथित तौर पर भारत के युवाओं को संगठित करने के प्रयास और देश में शांति भंग करने के उद्देश्य से विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने से संबंधित चर्चाएं शामिल थीं। आपको बता दें कि पाकिस्तान मे मौजूद राणा का नाम वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसियों द्वारा सबसे कुख्यात अपराधियों की लिस्ट में शामिल है।
कैसे हुआ खुलासा?
जांच के दौरान पता चला कि पाकिस्तान स्थित इस आतंकवादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत के कई भोले-भाले युवाओं से संपर्क किया था और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक संगठन बनाने का प्रयास कर रहा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मात्र 20 दिनों में हुई बातचीत के रवैया को देखते हुए गिरफ्तारी से कई गंभीर सवाल उठते हैं।
आरोपियों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रभावित किया जा रहा था, जहां आतंकवादी राणा ने कथित तौर पर समुदाय में एकता को बढ़ावा देने के बहाने सदस्यों को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास कर रहा था। जिसका राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने किया भंडाफोड़।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को एक भयानक साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से ब्रेनवाश किया गया था, जिसका अब खुलासा हो चुका है और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए युवक साधारण थे और छोटे-मोटे काम करते थे। लगभग एक महीने पहले, वे कथित तौर पर इंस्टाग्राम के माध्यम से राणा के संपर्क में आए। बाद में, उन्होंने एक्स पर कई बार बातचीत की और अंततः एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए।
राणा इस्लाम और पैगंबर की देता था शिक्षा
जांचकर्ताओं ने बताया कि शुरुआत में राणा ने इस्लाम और पैगंबर की शिक्षाओं के बारे में संदेश साझा किए, लेकिन बाद में अधिक भड़काऊ तरीके से समूह में एकता को बढ़ावा देना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे चर्चा को देश के खिलाफ प्रतिशोध के विचारों की ओर मोड़ दिया। जांच में पता चला कि राणा पुणे में एक मौलवी की हत्या का जिक्र किया और बदला लेने की बात कही।
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उसने कथित तौर पर ऐसे कृत्यों के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की और जोर दिया कि समुदाय को एकजुट होना चाहिए और किसी को नहीं छोड़ना चाहिए। पुलिस को यह भी संदेह है कि राणा के देश के कई हिस्सों में फॉलोअर्स हैं और उसने गिरफ्तार युवकों को अपने व्यापक नेटवर्क से परिचित कराया था। अधिकारियों ने कहा कि नेटवर्क के विस्तार और ऑनलाइन समन्वय की प्रकृति का पता लगाने के लिए हमारी कई टीमो के द्वारा जांच जारी है। -एजेंसी इनपुट के साथ
