किसानों के हित से कोई समझौता नहीं होगा, PM मोदी बोले- हर कीमत चुकाने को तैयार
PM Modi ने कहा, 'भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरे भाई-बहनों के हितों के साथ कभी समझौता नहीं करेगा और मैं जानता हूं कि इसके लिए मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
- Written By: सौरभ शर्मा
दिल्ली स्थित ICAR पूसा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो- @ANI)
PM Modi Remark on Farmers: दिल्ली स्थित ICAR पूसा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन की जन्मशताब्दी पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए देश के किसानों को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने साफ किया कि किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों का हित भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन हितों से कभी समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान पीएम मोदी ने एमएस स्वामीनाथन की याद में एक स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी किया।
सम्मेलन का विषय सदाबहार क्रांति जैव-सुख का मार्ग था, जो स्वामीनाथन के आजीवन योगदान को दर्शाता है। इस सम्मेलन का आयोजन एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (MSSRF), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम 7 से 9 अगस्त तक चलेगा जिसमें सतत और न्यायसंगत विकास के विचारों पर विस्तार से मंथन होगा।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, “For us, the interest of our farmers is our top priority. India will never compromise on the interests of farmers, fishermen and dairy farmers. I know personally, I will have to pay a heavy price for it, but I am ready for it.… pic.twitter.com/W7ZO2Zy6EE — ANI (@ANI) August 7, 2025
सम्बंधित ख़बरें
महाआवास अभियान में अकोला चमका; राज्यस्तर पर मिले तीन पुरस्कार, पातुर तालुका को मिला पूरे सूबे में प्रथम स्थान
मामा बने लेखक…PM Modi के साथ 33 साल के अनुभवों पर शिवराज सिंह ने लिखी किताब ‘अपनापन’; इस दिन होगा विमोचन
इंदौर में होगा BRICS सम्मेलन, 9 से 13 जून तक जुटेंगे 21 देशों के प्रतिनिधि
नवभारत निशानेबाज: नारी शक्ति बिल हुआ बेअसर, राहुल ने बताया मोदी को जादूगर
स्वामीनाथन की विरासत का लोहा दुनिया ने माना
इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रोफेसर स्वामीनाथन को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें कृषि और मानवता के सच्चे सेवक कहा। उन्होंने बताया कि कैसे 1942-43 के बंगाल के अकाल ने स्वामीनाथन को झकझोरा और उन्होंने अपना जीवन भूख के खिलाफ लड़ाई और कृषि सुधारों को समर्पित किया। उन्होंने 1966 में मैक्सिकन गेहूं की मदद से पंजाब में उच्च उत्पादक किस्म तैयार कर भारत को खाद्यान्न संकट से बाहर निकाला।
वहीं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) की स्थापना को स्वामीनाथन की दूरदृष्टि का परिणाम बताया, जिसने देशभर में किसानों को वैज्ञानिक जानकारी दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने एक प्रेरणादायक दोहे के जरिए स्वामीनाथन के योगदान को श्रद्धांजलि दी “हर कोई अपने लिए जीता है, लेकिन जो मानवता और देश के लिए जीता है, वही असल में अमर होता है।
#WATCH | Delhi: At the MS Swaminathan Centenary International Conference, Prime Minister Narendra Modi says, “…Today, discussions about biodiversity are happening worldwide, and governments are taking many steps to protect it. But Dr. Swaminathan took a step further and gave… pic.twitter.com/WbZqImLhqY — ANI (@ANI) August 7, 2025
यह भी पढ़ें: प्रियंका गांधी के बयान से गरमाया सियासी माहौल, BJP ने सुप्रीम कोर्ट से की स्वत: संज्ञान की मांग
जैव विविधता, जलवायु न्याय और युवाओं पर फोकस
सम्मेलन में जलवायु अनुकूल कृषि, जैव विविधता का संरक्षण, महिला और युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रो. स्वामीनाथन ने न सिर्फ हरित क्रांति को नया आयाम दिया बल्कि जैव-सुख (Bio-Happiness) जैसे नवाचारों से कृषि को एक मानवीय दृष्टिकोण दिया।
इस मौके पर MSSRF और TWAS ने मिलकर “एमएस स्वामीनाथन फॉर फूड एंड पीस इंटरनेशनल अवार्ड” की शुरुआत की, जो विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा, जलवायु न्याय और समानता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी इस पुरस्कार के पहले विजेता को सम्मानित भी करेंगे।
