सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम जनहित में अहम…’मन की बात’ में क्या कुछ बोले PM मोदी? प्वाइंट्स में समझें
Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में कलपक्कम रिएक्टर की स्वदेशी उपलब्धि और 56GW पवन ऊर्जा का जश्न मनाया। उन्होंने कच्छ के फ्लेमिंगो और बुद्ध के संदेशों के जरिए देश को प्रेरित किया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
PM मोदी (Image- Social Media)
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देशवासियों से जुड़ते हुए कहा कि उनसे संवाद करना हमेशा खुशी देता है। उन्होंने बताया कि चुनावी व्यस्तताओं के बावजूद देशवासियों के पत्रों और संदेशों के माध्यम से उपलब्धियों और खुशियों को साझा करने का सिलसिला जारी रहा। इस बार ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की एक बड़ी उपलब्धि के साथ की गई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा विज्ञान को विकास से जोड़कर देखा है। हमारे वैज्ञानिक सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसने औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ पहुंचाया है।
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को लेकर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने तमिलनाडु के कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने वाली बड़ी उपलब्धि बताया, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है। पीएम मोदी ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत की उपलब्धियों को साझा किया। देश की विंड एनर्जी उत्पादन क्षमता अब 56 गीगावाट से अधिक है और पिछले एक साल में करीब 6 गीगावाट नई क्षमता जुड़ी है, जो स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की तेजी को दर्शाती है।
सम्बंधित ख़बरें
ट्रंप पर फायरिंग से अटकी पाकिस्तान की सांसे! सामने आया पहला रिएक्शन,शहबाज शरीफ बोले- कुछ देर पहले…
डोनाल्ड ट्रंप ठीक हैं, यह जानकर राहत मिली…वॉशिंगटन होटल फायरिंग पर PM मोदी का बयान
बर्तनों की आवाज या गोलियों की गूंज? भारतीय पत्रकार ने सुनाया हिल्टन होटल में हमले का डरावना मंजर- VIDEO
नहीं रहे भारत की आत्मा को कैमरे में कैद करने वाले रघु राय, इंजीनियर से कैसे बने दुनिया के महान फोटोग्राफर?
प्वाइंट्स में समझें पूरी बात
- सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम में बड़ी उपलब्धि: पीएम मोदी ने तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी तकनीक से निर्मित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जो ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
- पवन ऊर्जा में विस्तार: भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता तेजी से बढ़ रही है। देश की विंड एनर्जी क्षमता अब 56 गीगावाट से अधिक हो गई है, जिसमें पिछले एक साल में ही 6 गीगावाट की नई क्षमता जोड़ी गई है।
- भगवान बुद्ध का शांति संदेश: प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को प्रासंगिक बताते हुए कहा कि शांति की शुरुआत स्वयं के भीतर से होती है। उन्होंने चिली की एक संस्था का उदाहरण दिया जो बुद्ध के करुणा और ध्यान के मार्ग पर चल रही है।
- गणतंत्र उत्सव और बीटिंग रिट्रीट: उन्होंने 23 से 30 जनवरी तक चलने वाले ‘गणतंत्र उत्सव’ और उसमें होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह की प्रशंसा की, जहाँ सेना और सीएपीएफ के बैंड्स ने देश की विविध संगीत परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया।
- पर्यावरण और जीव संरक्षण: पीएम ने कच्छ के रण में आने वाले फ्लेमिंगो पक्षियों का जिक्र किया। स्थानीय लोगों द्वारा ‘लाखा जी के बाराती’ कहे जाने वाले ये पक्षी पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति प्रेम का सुंदर प्रतीक हैं।
भगवान बुद्ध का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने बताया कि शांति हमारे भीतर से शुरू होती है और स्वयं पर विजय सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने चिली में एक संस्था का जिक्र किया, जो लद्दाख में जन्मे ड्रुब्पोन ओत्ज़ेर रिनपोछे के मार्गदर्शन में ध्यान और करुणा के माध्यम से लोगों के जीवन में शांति लाने का काम कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि 23 जनवरी से 30 जनवरी तक ‘गणतंत्र उत्सव’ मनाया जाता है। इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह है, जो देश की विविध संगीत परंपराओं को प्रस्तुत करता है। उन्होंने इस साल के समारोह में वायुसेना, थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। पीएम मोदी ने कच्छ के रण में बरसात के बाद आने वाले फ्लेमिंगो का जिक्र किया, जिन्हें स्थानीय लोग ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं। यह पर्यावरण संरक्षण का एक सुंदर प्रतीक बन गया है।
यह भी पढ़ें- ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ और भाजपा की राजनीति पर संदेह, पी. चिदंबरम बोले-भारत में ऐसे ही बच सकेगा लोकतंत्र
मन की बात का 133वां एपिसोड
‘मन की बात’ का प्रसारण आकाशवाणी, दूरदर्शन, Newsonair ऐप और यूट्यूब चैनलों पर लाइव किया जाता है। हिंदी प्रसारण के बाद इसे विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी दिखाया जाता है, जिससे देश के हर कोने तक यह कार्यक्रम पहुंच सके। पीएम मोदी ने पिछले एपिसोड्स में भी वैश्विक और तकनीकी बदलावों, जैसे ग्लोबल AI समिट, और युवाओं की बढ़ती तकनीकी क्षमता पर अपनी बात रखी थी।
