भारत के खिलाफ साजिश रच रहा आईएसआई। इमेज-एआई
Indian Intelligence Agencies: भारतीय खुफिया एजेंसियां ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है। आईएसआई भारत में जासूसी नेटवर्क को फैलाने की कोशिश कर रही है। इसके संकेत कई मामलों में मिले हैं। पाकिस्तान भारत के खिलाफ बड़े स्तर पर दुष्प्रचार अभियान चलाने की भी साजिश रच रहा है। इसमें भारतीय सशस्त्र बलों को बदनाम करने के प्रयास होंगे।
IDRW की रिपोर्ट बताती है कि आईएसआई अब केवल सीमा पार से आतंकियों को भेजने पर निर्भर नहीं रहना चाहती है। उसका प्रयास है कि हिंसा और अस्थिरता को भारत में घरेलू रूप दिया जाए, जिससे पाकिस्तान खुद को इससे अलग दिखा सके। ISI कुछ लोगों और संगठनों को सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए उकसाने की साजिश पर काम कर रही। इन प्रदर्शनों को बाद में हिंसक रूप देने की भी साजिश है। हाल में फरीदाबाद में पकड़े गए होम ग्रोन टेरर मॉड्यूल को इसी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक के कई आतंकी नेटवर्क कमजोर पड़ गए हैं। भारी सुरक्षा के चलते घुसपैठ मुश्किल हुई है। इस कारण ISI अब भारत के अंदर नेटवर्क खड़ा करने पर ज्यादा जोर दे रही है। एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान की नजर बांग्लादेश पर भी है, जहां से वह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को निशाना बनाने के लिए लॉन्च पैड बनाना चाहता है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार ISI की सबसे खतरनाक दो योजनाएं हैं। इनमें जासूसी नेटवर्क खड़ा करना और दुष्प्रचार अभियान चलाना शामिल हैं, जिससे देश भर में बुरे हालात पैदा किए जाए। जैसे-बांग्लादेश या नेपाल में दिखे हैं। वहां बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए और सरकार बदलने की मांग उठी। इसके तहत भारतीय सेना की छवि खराब करने की कोशिश की जाएगी, जिससे आम लोगों का भरोसा कमजोर पड़े।
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जासूसी नेटवर्क के लिए ISI हनी ट्रैप को मुख्य हथियार बना रही है। इसके अतिरिक्त वैचारिक झुकाव रखने वाले, आर्थिक तंगी से जूझ रहे या निजी परेशानियों में फंसे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे लोग आसानी से फंस जाते हैं। एजेंसियों ने कहा है कि इस नेटवर्क को खड़ा करने के लिए ISI काफी अधिक पैसा लगाने को भी तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी सूचनाएं जुटाने की कोशिशें कई गुना बढ़ गई हैं.
इन चुनौतियों के मद्देनजर हाल में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति लॉन्च की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने ATS की टीम बनाकर राज्यों को भेजा है, जिससे हर स्तर पर एक जैसी तैयारी हो सके। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से इसे लागू करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की साजिशों और भारत की सुरक्षा को मिल रही चुनौतियों के बीच यह नीति बेहद अहम साबित होगी।