‘आप जैसा कोई नहीं…’, बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में शामिल हुए शहबाज शरीफ, ट्रंप को खूब लगाया मख्खन
Shehbaz Sharif on Board of Peace: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए गठित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ शामिल हुए।
- Written By: अक्षय साहू
बोर्ड ऑफ पीस में शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Board of Peace Meeting: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर युद्ध से तबाह गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए गठित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक गुरुवार को वॉशिंगटन डीसी में डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए। हालांकि, इस दौरान शहबाज ने अपना पूरा वक्त ट्रंप की तारीफ करने और खुद के बेचारा दिखाने में बिताया।
शहबाज शरीफ ने बोर्ड ऑफ पीस भाषण देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति की जमकर तारीफ की और उन्हें साउथ एशिया का उद्धारकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि “आप जैसा कोई नहीं है” और ट्रंप को शांति के दूत के रूप में सम्मानित किया।
ट्रंप के मध्यस्थता की सराहना
शहबाज शरीफ ने बैठक के दौरान कहा कि, डोनाल्ड ट्रंप ने सही मायनों में साउथ एशिया के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने युद्ध के समय ट्रंप की मध्यस्थता की सराहना करते हुए दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने भारत के साथ तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित भूमिका निभाई और युद्ध को रोकने में अहम योगदान दिया।
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद भारत से जुड़े युद्धविराम और ट्रंप की भूमिका पर फिर चर्चा तेज हो गई। यह बैठक इसलिए भी खास थी क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति की पहल पर बने इस बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान समेत कुल 27 देश शामिल हैं। अर्जेंटीना, अजरबैजान, सऊदी अरब, यूएई और इजरायल जैसे देशों ने भी इसमें भाग लिया, लेकिन फिलिस्तीन इस बोर्ड का हिस्सा नहीं है।
पीएम मोदी को भी किया था आमंत्रित
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया था। हालांकि, भारत ने ऑब्जर्वर के रूप में भाग लिया। पहली बैठक में भारतीय दूतावास की ‘चार्ज डी अफेयर्स’ नमग्या खम्पा ने प्रतिनिधित्व किया। बैठक का उद्देश्य गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए साझा रणनीति बनाना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग को सुनिश्चित करना था।
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इस तरह, बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक ने क्षेत्रीय शांति और सहयोग को लेकर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। पाकिस्तान और अन्य सदस्य देशों की प्रतिक्रियाओं ने अमेरिका की पहल को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक कदम के रूप में स्थापित किया। बैठक में उठाए गए प्रस्ताव और विचारों से उम्मीद की जा रही है कि गाजा पट्टी में पुनर्निर्माण और स्थिरता के प्रयासों को बल मिलेगा।
