चोर-उचक्कों की तरह उठा ले गई पुलिस.. सोनम वांगचुक को लेकर एक्शन पर बरसा विपक्ष, सरकार पर लगाए तानाशाही के आरोप
Sonam Wangchuk Saturday Evacuation: सोनम वांगचुक का अस्पताल में भर्ती होने पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए इसे बीजेपी सरकार की जमकर आलोचना की।
- Written By: प्रिया जैस
डिंपल यादव और संजय सिंह ने विपक्ष पर बोला हमला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sonam Wangchuk Protest Jantar Mantar: दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करा दिया है। सोनम को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए इसे ‘गुंडागर्दी’ और ‘तानाशाही’ करार दिया है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने का विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, “ये क्या गुंडागर्दी चल रही है? प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी ये सत्ता का अहंकार लंबे समय तक नहीं चलता। जिस युवा पर लठ्ठ चला रहे हो, यही आपका तख्त उखाड़ेगा। एक शख्स सोनम वांगचुक जो पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर है, उनकी मांगें सुनने के बजाय उसको जबरन गिरफ्तार कर हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया।”
डिंपल यादव ने बताया तानाशाही
समाजवादी पार्टी से सांसद डिंपल यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, “सोनम वांगचुक को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है। भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं। यह तानाशाही है।”
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सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है।
भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं – यह तानाशाही है। — Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
डिंपल यादव ने दूसरे पोस्ट में कहा, “भाजपा वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना देश की आत्मा को दबाना है।”
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने सोनम वांगचुक जंतर-मंतर से हटाए जाने का विरोध करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “ये कौन सा तरीका है शांतिपूर्ण प्रदर्शन खत्म करने का। सफेद कपड़ा लाकर 20 दिनों की हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को अस्पताल उठा ले गई पुलिस।”
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार! – चंद्रशेखर आजाद
भीम आर्मी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर लिखा, “लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार! दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को सादा कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।”
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार! दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और… pic.twitter.com/fnFnQRZPCe — Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) July 18, 2026
यह भी पढ़ें – BREAKING: सफदरजंग अस्पताल ले जाए गए सोनम वांगचुक; जंतर-मंतर खाली कराने का VIDEO आया सामने, मची भारी अफरा-तफरी
सांसद ने आगे कहा, “इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वांगचुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है। क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया? हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करे।”
हम झुकेंगे नहीं, हम मिटेंगे नहीं – पुष्पेंद्र सरोज
दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक सांसद और युवा होने के नाते मैं पहले भी यहां आया था और लोगों को बहुत उम्मीदें थीं। जो व्यक्ति 20 दिनों से भूख हड़ताल पर है, उसके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। आज उन्हें चादर से ढका गया, बैरिकेड्स हटाए गए और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।”
Delhi: On Sonam Wangchuk being taken to Safdarjung Hospital by the Delhi Police, Samajwadi Party MP Pushpendra Saroj says, “It is very unfortunate. As an MP and a young person, I had come here earlier as well, and there was a lot of anticipation. A large number of people had… pic.twitter.com/Upzlnr9G8w — IANS (@ians_india) July 18, 2026
वहीं, पुष्पेंद्र सरोज ने एक्स पर लिखा, “क्या लोकतंत्र में अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण अनशन करना भी अब आसान नहीं रहा? जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि यह है कि क्या सरकार संवाद का रास्ता चुनेगी या विरोध की आवाज को अनसुना करती रहेगी? लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, दमन नहीं।” इसके साथ ही सांसद ने कहा, “हम झुकेंगे नहीं, हम मिटेंगे नहीं और पीछे हटेंगे नहीं। युवाओं की लड़ाई में मैं खड़ा हूं उनके साथ।”
