

नई दिल्ली : भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच नई जंग शुरू हो गई है।केंद्रीय राजनीति में जहां बीजेपी सत्ता में है और कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाती है, वहां दोनों के बीच एक और जंग छिड़ी हुई है। इस बीच कर्नाटक में एक अलग तरह की लड़ाई देखने को मिल रही है, जहां कांग्रेस सत्ता में है और बीजेपी विपक्ष में है।
केंद्र में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी विपक्ष के हमलों का सामना करते हैं और देश के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था की योजना बनाते हैं। दूसरी ओर, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार राज्य के विकास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जवाब देते हैं। हम आपको यह भी बताएंगे कि दोनों जगहों पर क्या हमले और पलटवार देखने को मिल सकता हैं।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस गुट झूठे और नकली डेटा का उपयोग करके झूठे दावे कर रहा है। कई सोशल मीडिया पोस्ट में खड़ग के दावे पर जवाब में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार की समावेशी विकास नीतियां देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बना देंगी।
इससे पहले, खरगे ने शुक्रवार को प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरियों के वादे, मुद्रास्फीति, नोटबंदी और त्रुटिपूर्ण जीएसटी, चुनावी गारंटी, सेबी प्रमुख के खिलाफ आरोप, एससी/एसटी के खिलाफ अपराध, वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की खराब रैंकिंग आदि को लेकर मोदी पर निशाना साधा था।
इसके जवाब में पुरी ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी और खरगे उन बदलावों से अनजान हैं जिनसे भारतीयों के जीवन में सुधार हुआ है। बता दें कि मोदी सरकार ने 24 मिलियन से अधिक भारतीयों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला है। इनमें 11 मिलियन से अधिक शौचालयों का निर्माण, 12 मिलियन जल कनेक्शन, 10 मिलियन से अधिक मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य सेवाएं, 51 मिलियन बैंक खाते, पूंजीगत व्यय को तीन गुना करना और जीएसटी, स्टार्टअप इंडिया, आईबीसी सुधार और पीएलआई जैसी नीतियां शामिल हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें तब भी न बढ़ें, जब अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में कीमतों में 40 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग-2 सरकार के समय 1.41 लाख करोड़ रुपए के तेल बॉन्ड जारी करने की उनकी मूर्खता के कारण देश को बदले में 3.2 लाख करोड़ रुपए वापस करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ये दिखा रहा है कि वो 2047 तक अपने विकास लक्ष्यों को हासिल करने वाले है।