Nithari Case: निठारी कांड का आरोपी सुरेन्द्र कोली रिहा, नोएडा जेल से आया बाहर
Nithari killings Case: नोएडा के निठारी हत्या और दुष्कर्म कांड में आरोपी सुरेन्द्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम तेरहवें मामले में भी दोषमुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद आज कोली की जेल से रिहाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा था कि यदि कोली किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। इसके बाद आज नोएडा जेल से सुरेंद्र कोली को रिहा किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में कई प्रक्रियागत कमियां देखने को मिलीं। कोली की यह रिहाई उनकी क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई के बाद हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्लभ होता है कि सुप्रीम कोर्ट क्यूरेटिव याचिका को स्वीकार करता है।
15 वर्षीय लड़की के हत्या मामले में फरवरी 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने कोली की दोष सिद्धि को बरकरार रखा था। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से उसके खिलाफ शेष 12 मामलों में बरी किए जाने के बाद, उसने इस वर्ष फिर से सुधारात्मक याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने आज कोली को बरी कर दिया। अंतिम मामले में उसकी दोष सिद्धि को रद्द कर दिया।
2005 और 2006 के बीच नोएडा में निठारी हत्याकांड हुआ था। यह मामला दिसंबर 2006 में तब सबके ध्यान में आया, जब नोएडा के निठारी गांव में एक घर के पास नाले में से काफी कंकाल मिले। यह पता चला कि मोनिंदर सिंह पंढेर उस घर का मालिक था और कोली उसका नौकर था। कोली पर इन हत्याओं, रेप, नरभक्षण और अन्य कृत्यों का आरोप था। 16 मामलों में कोली को मौत की सजा सुनाई गई थी। पंधेर दो मामलों में दोषी ठहराया गया था, लेकिन 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी मामलों में दोनों को बरी कर दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसियों (यूपी पुलिस और सीबीआई) की लापरवाही पूर्ण जांच को कटघरे में खड़ा किया था।