
नीतीश कुमार-नेपथ्य में पवन चामलिंग और नवीन पटनायक (डिजाइन फोटो)
Nitish Kumar Oath: नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। वे 2005 से सत्ता में हैं और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। नीतीश ने गुरुवार को 10वीं बार मुख्यमंत्री का पद संभाल लिया है। जिसके बाद सवाल उठता है कि क्या नीतीश कुमार देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना पाएंगे?
आपको बता दें कि नीतीश कुमार पहली बार साल 2000 में समता पार्टी से मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन सदन में बहुमत साबित न कर पाने के कारण उन्हें सिर्फ सात दिन बाद ही इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद नीतीश 2005 में मुख्यमंत्री बने, उनके बाद जीतन राम मांझी कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री बने।
नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर 18 साल से ज्यादा काम किया है। बिहार के इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री का इतना लंबा कार्यकाल नहीं रहा है। हालांकि, दूसरे राज्यों की तुलना में नीतीश इतिहास बनाने से बहुत दूर हैं। हालांकि, अगर नीतीश कुमार अगले छह साल तक मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो वे देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी बना लेंगे।
देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग के नाम है। वे 1994 से 2019 तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे। वे पहली बार 12 दिसंबर 1994 को मुख्यमंत्री बने थे और 26 मई 2019 तक मुख्यमंत्री रहे, यानी लगभग 24 साल 165 दिन। चामलिंग ने पांच बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। देश में किसी और नेता ने इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री का पद नहीं संभाला है।
पवन कुमार चामलिंग के बाद दूसरा नाम नवीन पटनायक का है। पटनायक पांच बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक ने 24 साल 99 दिन तक सेवा की। वे पहली बार 5 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने थे और लगातार पांच बार सत्ता में रहे। वे 12 जून 2024 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। इस साल का विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी हार गई, जिससे उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु 1977 से 2000 तक 23 साल से ज़्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे। बसु ने भी पांच बार मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग हैं, जिनका पहला कार्यकाल 1980 से 1999 तक और दूसरा 2003 से 2007 तक था।
मिजोरम के लाल थनहवला भी शामिल हैं, जिन्होंने 22 साल तक मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। हिमाचल प्रदेश के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह 21 साल तक मुख्यमंत्री रहे, जबकि त्रिपुरा के माणिक सरकार ने 19 साल से ज़्यादा समय तक मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। इसके बाद नीतीश कुमार हैं, जिन्होंने 18 साल से ज़्यादा समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया है।
नीतीश कुमार गुरुवार को 10वीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं।। देश में किसी और नेता ने 10 बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ नहीं ली है। ऐसे में अगर वे 2031 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं, तो वे सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं की लिस्ट में सबसे आगे निकल जाएंगे।
नीतीश पहले ही बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें छह साल और पद पर बने रहना होगा। इसका मतलब है कि इस कार्यकाल के बाद उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री बनना होगा।
यह भी पढ़ें: 7 दिन से 20 साल तक CM की कुर्सी… बिहार मतलब नीतीश कुमार, यहां देखिए पूरी टाइमलाइन
नीतीश कुमार 75 साल के हैं। सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें अभी कम से कम छह साल और काम करना होगा। तभी नीतीश कुमार देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले पवन चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे।






