नीतीश कुमार ने खींचा मुस्लिम महिला का हिजाब तो भड़क उठे शंकराचार्य, राजनीति से संन्यास लेने की सलाह
Shankaracharya on Nitish Kumar: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने नीतीश कुमार को लेकर कहा, उन्होंने बिहार को संभाला और देश की राजनीति में भी उनसे लोगों को काफी उम्मीदें थीं, अब उनकी उम्र हो चुकी है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
शंकराचार्य
Nitish Kumar Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह एक कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र सौंपते समय एक मुस्लिम महिला के चेहरे से बुर्का हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
शंकराचार्य ने कहा कि नीतीश कुमार कभी एक अच्छे इंसान और सक्षम प्रशासक रहे हैं। उन्होंने बिहार को संभाला और देश की राजनीति में उनसे लोगों को काफी अपेक्षाएं थीं, लेकिन अब उनकी उम्र काफी हो चुकी है और उनकी मानसिक स्थिति पहले जैसी नहीं रही।
शंकराचार्य का नीतीश कुमार पर निशाना
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रमाण पत्र देने के लिए महिला का चेहरा देखना जरूरी था, तो उनसे शालीन तरीके से अनुरोध किया जा सकता था कि वह स्वयं अपना चेहरा दिखाएं। हाथ पकड़कर बुर्का हटाना कहां तक सही है? उन्होंने इसे असंवेदनशील और अनुचित आचरण बताया।
सम्बंधित ख़बरें
अब गौमांस बेचकर भारत का पेट भरेगा? शंकराचार्य का BJP पर हमला, बोले- इतने पर तो पाकिस्तान राष्ट्रमाता बना देता
नीतीश कुमार का बदला पता: 20 साल बाद छोड़ा ‘एक अणे मार्ग’, अब लालू-राबड़ी के पड़ोसी बने पूर्व मुख्यमंत्री
कांग्रेस ने बनवाया था संजय गांधी जैविक उद्यान, सम्राट सरकार ने बदल दिया नाम, बिहार में और क्या बदला?
बिहार में शराबबंदी की रिपोर्ट कार्ड, 11.37 लाख केस और करोड़ों लीटर जब्त शराब; कानून के 10 साल का पूरा ब्योरा
नीतीश कुमार को विराम लेना चाहिए: शंकराचार्य
शंकराचार्य ने आगे कहा कि जब किसी व्यक्ति के मानसिक संतुलन में कमी आने लगती है, तो इस तरह की घटनाएं बार-बार होती हैं और आगे भी हो सकती हैं। इसका असर न केवल उनकी पार्टी पर, बल्कि पूरे देश पर पड़ता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब नीतीश कुमार को सक्रिय राजनीति से विराम लेना चाहिए और अपनी पार्टी के किसी नए चेहरे को आगे बढ़ाना चाहिए, जबकि स्वयं मार्गदर्शक की भूमिका में रहना चाहिए।
यह भी पढ़ें- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार राम सुतार का निधन, 100 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
गौरतलब है कि पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र वितरण के समय मुख्यमंत्री द्वारा महिला का बुर्का हटाने का वीडियो सामने आने के बाद से यह मामला लगातार गरमाता जा रहा है और नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।
