बिहार में एसआई ने बचाई महिला की जान, फोटो- सोशल मीडिया
Vikramshila Bridge Viral Video: बिहार के भागलपुर से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें खाकी वर्दी का मानवीय चेहरा नजर आया है। विक्रमशिला सेतु पर मौत की छलांग लगाने जा रही एक महिला और उसके मासूम बच्चे के लिए डायल 112 के जवान फरिश्ता बनकर आए और महज कुछ सेकंड्स में दो जानें बचा लीं।
भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने प्रसिद्ध विक्रमशिला सेतु पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक हताश महिला अपने गोद में मासूम बच्चे को लिए रेलिंग के पास पहुंच गई। महिला जोर से रो रही थी और पुल से नीचे झांकने की कोशिश कर रही थी। ये इस बात का संकेत था कि वह कोई आत्मघाती कदम उठाने वाली है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला गंगा नदी की उफनती लहरों में कूदने ही वाली थी कि तभी वहां तैनात डायल 112 की टीम की नजर उस पर पड़ गई।
विक्रमशिला ब्रिज का यह पल बेहद नाजुक था। पुल पर मौजूद राहगीर भी सहमे हुए थे, लेकिन डायल 112 के जवानों ने बिना समय गंवाए अपनी कार्रवाई शुरू की। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के केंद्र में सब इंस्पेक्टर सिकंदर पासवान रहे, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और संवेदनशीलता से एक दुखदाई घटना को टाल दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे सिकंदर पासवान ने महिला के करीब जाकर उसे बातों में उलझाया और बहुत ही प्यार से उसे समझाने का प्रयास किया।
सिकंदर पासवान ने समय रहते महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया और उन्हें रेलिंग से दूर ले आए। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जवानों ने न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि उसे मानसिक संबल भी दिया।
जब एक मां अपनी और अपने बच्चे की जिंदगी खत्म करने निकली, तो डायल 112 उम्मीद बनकर खड़ी रही। भागलपुर विक्रमशिला सेतु पर जवानों की मुस्तैदी और SI सिकंदर पासवान की समझदारी ने दो चिरागों को बुझने से बचा लिया। जय हिन्द! 🫡🇮🇳#Bhagalpur #Humanity #WorldCancerDaypic.twitter.com/YgvLnDJcZf — Monalisa (@Monalisa_1996) February 4, 2026
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इस साहसी और मानवीय कार्य का वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स इस वीडियो को साझा करते हुए बिहार पुलिस की इस ‘मानवता’ की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोग लिख रहे हैं कि खाकी वर्दी में भी एक कोमल दिल धड़कता है, जो संकट के समय अपनों की तरह रक्षा के लिए खड़ा रहता है। वीडियो में 38 सेकंड के भीतर जिस तरह से पूरी स्थिति बदली, उसने पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय लेने की क्षमता को भी उजागर किया है।