टेलीग्राम PDF से लेकर सीक्रेट क्लासेस तक! NEET पेपर लीक के 9 आरोपी गिरफ्तार, CBI को अब तक क्या-क्या पता चला?
NEET Paper Leak Case: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से जुड़े बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो रहा है।
- Written By: अक्षय साहू
नीट पेपर मामले में अब तक कई हाई प्रोफाइल लोग गिरफ्तार (सोर्स- सोशल मीडिया)
NEET Paper Leak Case Accused Arrested: नीट यूजी 2026 का पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक गड़बड़ी नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े एजुकेशन स्कैम में बदलता दिखाई दे रहा है। जिस परीक्षा को लाखों बच्चे दिन रात मेहनत करके पास करने का सपना देखते हैं, उसी परीक्षा की विश्वसनीयता पर अब सवाल उठने लगे हैं। सीबीआई की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं और पता चल रहा है कि पूरा खेल कितने बड़े लेवल पर चल रहा था।
सीबीआई ने अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र तक पहुंच चुकी है। सीबीआई के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क काफी प्लानिंग के साथ काम कर रहा था। इसमें बिचौलिए, शिक्षक, एजेंट और छात्रों से जुड़े लोग शामिल थे। आरोप है कि परीक्षा से पहले ही पेपर कुछ लोगों तक पहुंच गया था और फिर छात्रों से लाखों रूपए लेकर उन्हें सैंपल पेपर के नाम पर बेच दिया गया।
मांगीलाल के परिवार के कई लोग गिरोह में शामिल
इस मामले में राजस्थान का नाम सबसे ज्यादा सामने आ रहा है। यहां जयपुर के जमवा रामगढ़ निवासी मांगीलाल बीवाल को जांच एजेंसियां इस नेटवर्क का अहम हिस्सा मान रही हैं। आरोप है कि उसने लीक पेपर हासिल किया और फिर उसे कई छात्रों तक पहुंचाया। उसका बेटा विकास बीवाल, जो मेडिकल स्टूडेंट बताया जा रहा है, उस पर भी इस पूरे खेल में मदद करने का आरोप है।
सम्बंधित ख़बरें
‘भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’, NEET UG 2026 रद्द होने पर संभाजीनगर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
NEET Paper Leak: विवादों के बीच NTA में बड़ी ‘सर्जरी’, केंद्र ने तैनात किए 4 दिग्गज अफसर, अब होगा फुल एक्शन!
NEET Paper Leak: पुणे की वरिष्ठ शिक्षिका मनीषा मांढरे गिरफ्तार, मॉडर्न कॉलेज की प्रिंसिपल ने व्यक्त किया दुख
80 बार लीक हुए पेपर, 2 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद; राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
विकास के अलावा सीबीआई ने मांगीलाल के भाई दिनेश बीवाल को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पेपर खरीदने और पैसों के लेनदेन में उसकी अहम भूमिका थी। सीबीआई ने आशंका जताई है कि यह खेल सिर्फ इस साल का नहीं हो सकता। क्योंकि इस परिवार के कई लोग पहले भी नीट परीक्षा पास कर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क आखिर कब से काम कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
यश यादव नेटवर्क का सबसे बड़ा बिचौलिया
बीवाल परिवार के साथ ही इस मामले में गुरुग्राम के यश यादव का नाम भी सामने आया है। उसे इस नेटवर्क का बड़ा बिचौलिया माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वही पेपर सप्लाई करने वाले लोगों और छात्रों के बीच संपर्क बनाता था। सीबीई के मुताबिक, यश ने ही लीक पेपर बीवाल परिवार तक पहुंचाया था। उसने कई छात्रों से संपर्क किया और दावा किया कि वो पैसों के बदले पेपर दे सकता है। कुछ छात्रों को उसने यह तक ऑफर दिया कि अगर वे और बच्चों को जोड़ेंगे तो उन्हें कम पैसे देने पड़ेंगे।
जांच के दौरान पता चला कि यश यादव ने अपने फोन से कई चैट डिलीट कर दी थीं, लेकिन सीबीआई ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और अब फॉरेंसिक टीम डिलीट डेटा वापस निकालने में जुटी है। एजेंसी को उम्मीद है कि इससे जल्द ही पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर सामने आएगी।
महाराष्ट्र से पकड़ी गई नेटवर्ट की मास्टरमाइंड
नीट यूजी 2026 का पेपर लीक मामले के तार महाराष्ट्र से भी काफी गहरे जुड़े हैं। यहां पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे को इस पेपर लीक गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सीबीआई ने अपनी जांच में दावा किया कि, मांधरे एनटीए की एक्सपर्ट टीम से जुड़ी हुई थी और इसी वजह से उसे पेपर तक पहुंच हासिल थी। आरोप है कि उन्होंने कुछ छात्रों को पहले से सवालों की जानकारी दी और खास तैयारी करवाई।
नीट पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक क्या किया (AI जनरेटेड फोटो)
पेपर लीक मामले में लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई के मुताबिक वह इस पूरे नेटवर्क का बड़ा सूत्रधार था। आरोप है कि उसकी भी परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र पैनल तक पहुंच थे। जांच में यह बात सामने आई कि उसने पुणे में कुछ छात्रों के लिए सीक्रेट क्लास तक चलाई, जहां उन्हें वही सवाल बताए गए जो बाद में असली परीक्षा में दिखाई दिए।
ब्यूटी सैलून के आड़ में पेपर लीक नेटवर्क
ब्यूटी सैलून के आड़ में पेपर लीक नेटवर्क
इस पूरे नेटवर्क में पुणे की मनीषा वाघमारे का नाम भी सामने आया है। वह एक ब्यूटी सैलून चलाती है, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि वह छात्रों को इस नेटवर्क से जोड़ने का काम करती थी। आरोप है कि उसने उम्मीदवार जुटाने और उनके लिए खास कोचिंग सेशन आयोजित करने में मदद की।
वहीं नासिक के शुभम खैरनार पर भी जांच एजेंसियों की नजर है। उस पर शक है कि उसने सबसे पहले लीक या गेस पेपर को आगे फैलाया था। इसके अलावा महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के आयुर्वेद डॉक्टर धनंजय लोखंडे को भी हिरासत में लेकर सीबीआई के हवाले किया गया है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका नेटवर्क में कितना बड़ा रोल था।
CBI ने बरामद किए कई डिजिटल सबूत
सीबीआई को इस मामले में कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और बैंक डिटेल्स की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि टेलीग्राम के जरिए पीडीएफ फाइलों में सवाल भेजे गए थे। अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस पूरे खेल में कितने करोड़ रुपये घूमे और पैसा किन किन लोगों तक पहुंचा।
पेपर लीक से देशभर के छात्रों में गुस्सा
इस पूरे विवाद के बाद देशभर के छात्रों और उनके परिवारों में काफी गुस्सा है। कई बच्चों का कहना है कि उन्होंने सालों मेहनत की, लेकिन कुछ लोगों ने पैसे के दम पर पूरी परीक्षा को मजाक बना दिया। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि अगर देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा ही सुरक्षित नहीं है तो फिर मेहनती छात्रों का क्या होगा।
यह भी पढ़ें- ‘भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’, NEET UG 2026 रद्द होने पर संभाजीनगर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
हरकत में आई एनटीए
विवाद बढ़ने के बाद सरकार और एनटीए भी हरकत में आए हैं। परीक्षा प्रक्रिया को लेकर नए बदलाव करने की बात कही जा रही है और कुछ अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं। फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और एजेंसी उस असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसने सबसे पहले पेपर बाहर निकाला।
