रंगासामी युग की शुरुआत, 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने एन. रंगासामी, बीजेपी अध्यक्ष भी रहे मौजूद
AINRC leader sworn In As CM: अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (AINRC) के प्रमुख एन. रंगासामी ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उन्हें यह शपथ पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने दिलाई।
- Written By: अमन मौर्या
एन. रंगासामी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
N Rangasamy Puducherry CM Oath: एन. रंगासामी के शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शामिल थे। इस अवसर पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। रंगासामी के नेतृत्व में नई सरकार से विकास और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
#WATCH | All India N.R. Congress (AINRC) leader N. Rangasamy takes oath as the Puducherry CM Puducherry LG K. Kailashnathan administered the oath of office to N. Rangasamy. BJP National President Nitin Nabin also attended the oath ceremony. pic.twitter.com/OHVEjh51i4 — ANI (@ANI) May 13, 2026
दिलचस्प रही राजनीतिक शुरुआत
मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने साल, 1990 में चुनावी राजनीति में कदम रखा था। पहला चुनाव थट्टनचावडी निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा। इसमें उनकी हार हुई थी। पहली हार के एक साल बाद ही वे दोबारा उसी निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की। इस प्रकार, साल 1991 में पहली बार वे पुडुचेरी विधानसभा पहुंचे।
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इस जीत ने उनके एक लंबे राजनीतिक करियर के दरवाजे खोल दिए। इस जीत के बाद उनको पर्यटन, शिक्षा, कृषि, सहकारिता और लोक निर्माण जैसे विभागों की जिम्मेदारी मिली। इससे उन्हें शासन के अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव मिला। यह अनुभव बाद में उनके मुख्यमंत्री बनने पर बहुत फायदेमंद साबित हुआ।
पहली बार बने सीएम
पहले चुनाव लड़ने के दस साल बाद साल 2001, में कांग्रेस पार्टी ने पहली बार रंगासामी को पुडुचेरी का मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद साल, 2006 के चुनाव में भी शानदार वापसी करते हुए वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने और कार्यकाल पूरा किया। उस दौरान उन्होंने राज्य में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। सीएम ने शुरुआती 8 सालों में कई विकास कार्यक्रम भी चलाए। मुख्यमंत्री के रूप में एन. रंगासामी के शुरुआती 8 साल के कार्यकाल को पुडुचेरी के इतिहास में स्वर्ण युग माना जाता है।
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कांग्रेस से इस्तीफा और रिकॉर्ड 5वीं बार बने सीएम
कांग्रेस पार्टी में चल रही अंतर्कलह के बाद अगस्त, 2008 को रंगासामी ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह वैथिलिंगम ने ली। रंगासामी के लिए यह बड़ा मुश्किल समय था। इसके बाद उन्होंने जनवरी, 2011 को विधानसभा सदस्य से भी इस्तीफा दे दिया और 2011 के विधानसभा चुनाव से ठाक पहले फरवरी, 2011 में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के गठन की घोषणा की।
नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरे और पार्टी की स्थापना के महज तीन महीने में ही मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया और आज पांचवी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
