मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन, निभाया पिता से किया वो 'वादा', क्या है सियासी विरासत का अनसुना अध्याय

Prateek Yadav Passes Away: सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया है। प्रतीक राजनीति से दूर अपनी फिटनेस और व्यापार के लिए जाने जाते थे।
Mulayam's Younger Son Prateek Yadav Passes Away: He Fulfilled the 'Promise' Made to His Father—What Is This Untold Chapter of the Political Legacy?
प्रतीक यादव और मुलायम सिंह यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Mulayam Singh Yadav Younger Son Death: सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक का बुधवार सुबह निधन हो गया। प्रतीक यादव, सूबे के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अपर्णा यादव के पति थे। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक यादव को जब अस्पताल लाया गया तो उनका निधन हो गया था। उनके अचानक निधन की खबर ने सब को हैरानी डाल दिया।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से प्रतीक की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही लखनऊ में राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। प्रतीक यादव अपने पीछे पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियां छोड़ गए।

मुलायम की दूसरी पत्नी के बेटे हैं प्रतीक

प्रतीक यादव पूर्व मुख्यमंत्री और यूपी के दिग्गज राजनीतिज्ञ रहे मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे हैं। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनकी पहली पत्नी मालती देवी के बेटे हैं। मुलायम सिंह यादव ने लंबे समय तक अपनी दो शादियों की बात सार्वजनिक नहीं किए, हालांकि फरवरी 2007 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने दूसरी शादी स्वीकार किया था। साल, 2003 में पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना सुर्खियों में आईं। इससे प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया। इसके बाद फरवरी 2007 में उन्होंने दूसरी पत्नी साधना से अपने रिश्ते को स्वीकार कर लिया। इसके बाद साधना और उनके बेटे प्रतीक यादव दुनिया के सामने आ गए।

राजनीति में सक्रिय नहीं

एक ओर जहां मुलायम सिंह यादव के बड़े बेटे अखिलेश यादव प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ दूसरे बेटे प्रतीक यादव राजनीति से दूरी बनाए रखते थे। वे सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते थे। प्रतीक को जानवरों से बहुत लगाव था। अक्सर वे जानवारों की भलाई करते देखे जाते थे। वे जीव आश्रय नाम से वे एक संस्था भी चलाते थे। यह स्ट्रीट डॉग्स के इलाज, देखभाल और रेस्क्यू का काम करती है। प्रतीक यादव अपने फिटनेस को लेकर काफी सजग रहते थे। वे एक जिम के मालिक भी थे। उनकी पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में काफी सक्रिय रहती हैं। साल, 2022 उन्होंने बीजेपी ज्वॉइन की थी। इससे पहले अपर्णा सपा के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुकी हैं। इस समय वे उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतीक यादव और अपर्णा बिष्ट की शादी 2011 में हुई। दोनों ने प्रेम विवाह था। स्कूली दिनों से ही दोनों एक दूसरे को जानते थे। बाद में इंग्लैंड में भी दोनों ने साथ-साथ पढ़ाई की थी और आखिर में दोनों परिणय सूत्र में बंध गए।

तलाक की चलीं खबरें

हाल ही में अपर्णा और प्रतीक यादव के तलाक की भी खबरें सामने आई थी। @iamprateekyadav नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट किया गया था इसमें लिखा था, मैं अपर्णा को जल्द ही तलाक देने जा रहा हूं, उन्होंने परिवार के रिश्तों को खराब कर दिया है। वह केवल मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती हैं। मेरी मानसिक स्थिति इस समय काफी खराब है, लेकिन उन्हें कोई परवाह नहीं है, क्योंकि उन्हें केवल अपनी चिंता रहती है।

आगे लिखा, मैं बदनसीब था कि मेरी शादी उनसे हुई। बवाल बढ़ने पर अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट ने इसका खंडन करते हुए बयान दिया कि, किसी ने प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया था।

राजनीति में न आने का समझौता

साधना यादव की परिवार में एंट्री पर मुलायम परिवार में बगावत शुरू हो गई थी। प्रदेश की सियासत के जानकार एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि उस समय अखिलेश यादव ने पिता मुलायम सिंह यादव से बगावत कर दी थी। वे बेहद नाराज थे और मुलायम यादव की हर बात को अनसुनी कर रहे थे। उस समय पिता-पुत्र के बीच रिश्ते में खटास को कम करने और परिवार को एक साथ लाने में अमर सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई।

अमर सिंह ने साधना यादव की परिवार में एंट्री दिलाने के साथ-साथ अखिलेश यादव को भी मनाया। उस समय मुलायम परिवार को साथ रखने के लिए एक समझौता भी हुआ था। समझौते के अनुसार, मुलायम की राजनीतिक विरासत के इकलौते उत्तराधिकार अखिलेश यादव ही होंगे, साधना के बेटे प्रतीक यादव कभी सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे। उस वक्त मुलायम यादव की प्रॉपर्टी को भी दोनों भाइयों में बराबर बांट दिया गया।

Navbharat Live
navbharatlive.com