Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

प्रतीक ने निभाया…अपर्णा ने तोड़ा! क्या था मुलायम फैमिली का ‘सीक्रेट’ समझौता, क्यों नहीं बुझ रही बगावत की आग?

Aparna Yadav-Prateek Yadav: अपर्णा-प्रतीक के नए विवाद से कई पुराने सवाल फिर से ताजा हो गए हैं। जिसमें यह अपर्णा यादव ने सपा का साथ क्यों छोड़ा? मुलायम परिवार में 19-20 साल पहले हुआ समझौता क्या था?

  • Written By: अभिषेक सिंह
Updated On: Jan 19, 2026 | 04:18 PM

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)

Follow Us
Close
Follow Us:

Aparna Yadav Rebel Story: समाजवादी पार्टी के संस्थापक, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत राजनेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई एक पोस्ट ने सूबे में हड़कंप मचा दिया। पोस्ट में कहा गया कि उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव ने जिंदगी तबाह कर दी है। इस पोस्ट में अपर्णा को ‘स्वार्थी महिला’ महिला बताते हुए तलाक देने की बात भी कही गई।

इस पोस्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अपर्णा यादव ने 19 जनवरी, 2022 को बीजेपी की सदस्यता ली थी। आज की तारीख भी 19 जनवरी है। अब इसे महज संयोग कहेंगे या फिर सोचा-समझा कदम कहा जाए। क्योंकि अपर्णा के भाजपा ज्वाइन करने के ठीक तीन साल बाद 19 जनवरी को ही प्रतीक यादव ने अपर्णा से रिश्ता तोड़ने का ऐलान किया है।

अमन बिष्ट ने बताई ‘हैक’ वाली कहानी

प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई इस पोस्ट के बाद चौतरफा बवाल मच गया। बवाल बढ़ा तो अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट किसी ने हैक कर लिया था। दोनों के बीच सबकुछ सही है। हालांकि, अमन की यह बात कितनी सही है इसका जवाब तो अमन के पास ही होगा।

सम्बंधित ख़बरें

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अफजाल अंसारी की शान में पढ़े कसीदे, गोरक्षा पर समर्थन के लिए दिया धन्यवाद

तलाक की पोस्ट का सच आया सामने! प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम से क्या हुई थी छेड़छाड़? अपर्णा के परिवार ने दी सफाई

रामभद्राचार्य नहीं अंधाचार्य…नंगा घुमाया जाए, मध्य प्रदेश के एक पूर्व विधायक आरडी प्रजापति का विवादित बयान

प्रतीक के पास 5 करोड़ की लेम्बोर्गिनी तो अपर्णा गहनों की शौकीन, दोनों में कौन ज्‍यादा अमीर?

सपा से क्यों अलग हुईं अपर्णा यादव?

दूसरी तरफ इस पूरे मामले के बाद कई पुराने सवाल फिर से ताजा हो गए हैं। सवालों में सबसे अव्वल यह कि अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी का साथ क्यों छोड़ा? 2022 विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा क्या हुआ था? मुलायम परिवार में 20-21 साल पहले हुआ वह समझौता क्या था, जो अमर सिंह ने करवाया था? प्रतीक उस समझौते पर अटल रहे तो अपर्णा क्यों नहीं?

…जब अखिलेश ने दिखाए बागी तेवर

दरअसल, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव की परिवार में एंट्री के साथ ही परिवार में बगावत शुरू हो गई थी। सूबे की सियासत में दिलचस्पी रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि तब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम से बगावत कर दी थी। वह बेहद नाराज रहने लगे थे और मुलायम की हर बात अनसुनी कर रहे थे।

अमर सिंह ने कराया बड़ा समझौता

उस दौरान पिता और पुत्र के बीच बढ़ती दूरियों को कम करने और परिवार को एक साथ लाने की जिम्मेदारी अमर सिंह ने उठाई थी। अमर सिंह ने न सिर्फ साधना यादव को परिवार में एंट्री दिलाई, बल्कि अखिलेश यादव को भी मनाने में कामयाबी हासिल की। इस दौरान परिवार को साथ रखने के लिए एक समझौता भी हुआ।

इन्फोग्राफिक के जरिए समझें पूरी कहानी (सोर्स- AI)

आखिर क्या थी उस समझौते की शर्त?

समझौते के मुताबिक पिता की राजनीतिक विरासत के इकलौते वारिस अखिलेश यादव होंगे, जबकि साधना के बेटे प्रतीक यादव कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे। इतना ही नहीं उस वक्त जो प्रॉपर्टी थी, उसे भी दोनों भाइयों में बराबर-बराबर बांटा गया। परिवार के बेहद करीब रहे लोगों का दावा है कि पार्टी में उस वक्त यह भी तय हुआ था कि साधना यादव के परिवार का खर्चा समाजवादी पार्टी उठाएगी।

डिंपल सा अधिकार चाहती थीं अपर्णा

प्रतीक यादव लगातार कहते हैं कि वो कभी राजनीति में नही आएंगे। हालांकि, जब भी सवाल अपर्णा यादव के सियासी भविष्य को लेकर होता तो वह कहते कि इसका फैसला नेता जी यानी मुलायम सिंह यादव और खुद अपर्णा कर सकती हैं। एक पत्रकार की बेटी होने के चलते अपर्णा की राजनीतिक महत्वाकांक्षा हमेशा से रही। वह फैमिली में बड़ी बहू डिंपल यादव की तरह पार्टी में आधिकार चाहती थीं।

2017 चुनाव में बनाया गया उम्मीदवार

अपर्णा की इसी जिद की वजह से मुलायम सिंह यादव ने 2017 में अपर्णा को पार्टी का टिकट दिलवाया था, लेकिन अपर्णा चुनाव हार गईं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव नहीं चाहते थे कि वो चुनाव जीतें। जबकि अखिलेश यादव ने खुद लखनऊ कैंट सीट पर उनके लिए प्रचार किया था।

अपर्णा यादव ने सपा से बगावत क्यों की?

साल 2022 के चुनाव से पहले अखिलेश ने फैसला कर लिया था कि ना तो अपर्णा को टिकट देंगे और ना ही कहीं जाने से रोकेंगे। अखिलेश का यह फैसला राजनीति में करियर बनाने के लिए बेताब अपर्णा के लिए बेहद परेशान करने वाला था। माना जा रहा है कि इसके बाद ही अपर्णा भाजपा के संपर्क में आईं और अब पार्टी में शामिल हो गई हैं।

अपर्णा ने पहले ही तैयार कर ली जमीन

सियासी हलकों में चर्चा तो यह भी होती है कि 2014 के बाद से ही अपर्णा यादव प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करने लगी थीं। 2017 में योगी सरकार बनने के बाद भी अपर्णा ने कई बार CM योगी से मुलाकात की। उन्होंने कई बार ऐसे भी बयान दिए जिससे सपा और अखिलेश की खूब फजीहत हुई। इन बातों का निचोड़ यह है कि अपर्णा ने पहले से ही भाजपा में जाने की जमीन तैयार कर ली थी।

2011 में हुई थी अपर्णा-प्रतीक की शादी

36 साल की अपर्णा बिष्ट 2011 में मुलायम परिवार की पुत्रवधू बनीं। अपर्णा और प्रतीक का विवाह प्रेम विवाह था और दोनों के बीच स्कूली दिनों में ही प्रेम हो गया था। इस प्रेम कहानी की अपनी एक अलग दास्तान है। बाद में उन्होंने इंग्लैंड में साथ-साथ पढ़ाई की और आखिर में दोनों परिणय सूत्र में बंध गए।

यह भी पढ़ें: 2027 में किसे देगी टिकट समाजवादी पार्टी? अखिलेश ने सेट किया नया फार्मूला, चुनाव से पहले चल दिया बड़ा दांव

सार्वजनिक जीवन में दिलचस्पी रखने वाली अपर्णा की संगीत में भी बेहद रुचि है। वह क्लासिकल और सेमीक्लासिकल संगीत की शिक्षा ले चुकी हैं और बहुत अच्छी गायिका भी हैं। संगीतकार साजिद-वाजिद के निर्देशन में उनका एक म्यूजिकल एल्बम भी आ चुका है। इस एल्बम को सैफई महोत्सव में मुलायम सिंह खुद ज़ारी किया था।

अमर समझौते पर कायम हैं प्रतीक यादव?

प्रतीक यादव राजनीति में नहीं हैं, बल्कि अपने बिजनेस और निजी जीवन को लेकर ज्यादा पहचाने जाते हैं। वह फिटनेस और वेलनेस से जुड़े बिजनेस में भी हैं। लखनऊ में उनका एक हाई-एंड जिम है, जो प्रीमियम ग्राहकों को सेवाएं देता है। प्रतीक की सियासत से इतर बिजनेसमैन वाली पहचान यह दर्शाती है कि वह अब भी उस समझौते पर कायम हैं।

💡

Frequently Asked Questions

  • Que: प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर विवाद क्यों हुआ?

    Ans: प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई एक पोस्ट में उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए और तलाक की बात कही गई। पोस्ट की टाइमिंग भी चर्चा में रही, क्योंकि ठीक तीन साल पहले इसी तारीख को अपर्णा यादव ने भाजपा जॉइन की थी। बाद में अपर्णा के भाई ने अकाउंट हैक होने का दावा किया।

  • Que: अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन क्यों थामा?

    Ans: अपर्णा यादव की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और 2022 विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने को इसका मुख्य कारण माना जाता है। अखिलेश यादव के फैसले से असंतुष्ट अपर्णा ने भाजपा से संपर्क बढ़ाया और अंततः पार्टी जॉइन कर ली। इससे पहले भी उनके बयान और गतिविधियां भाजपा के प्रति झुकाव दिखाती रही थीं।

  • Que: मुलायम फैमिली में हुआ पुराना समझौता क्या था, उसका इस विवाद से क्या संबंध है?

    Ans: अमर सिंह की मध्यस्थता से हुए समझौते के तहत अखिलेश यादव को राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया था, जबकि साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव के राजनीति से दूर रहने की शर्त थी। माना जाता है कि प्रतीक इस समझौते पर कायम रहे, लेकिन अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय होना चाहती थीं।

Mulayam family politics amar singh secret pact explained prateek aparna divide fresh rebellion

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 19, 2026 | 04:00 PM

Topics:  

  • Akhilesh Yadav
  • Aparna Yadav
  • Samajwadi Party
  • UP Politics

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.