अलंकार अग्निहोत्री (डिजाइन फोटो)
UP Politics: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने के बाद चर्चा में आए अलंकार अग्निहोत्री ने भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन से एक बयान जारी किया है। उन्होंने एक नई पार्टी का ऐलान किया है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ रखा है और पार्टी का सिंबल भी जारी किया है। अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी एक्ट और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान को लेकर अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए नई पार्टी बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह सबसे पहले बांके बिहारी मंदिर जाएंगे और पूजा-अर्चना करने के बाद अपनी नई पार्टी के नाम का ऐलान करेंगे। उन्होंने आज बांके बिहारी की नगरी वृंदावन से यह ऐलान किया। कहा जा रहा है कि वो आने वाले 2027 यूपी विधानसभा चुनाव में जोर आजमाइश करने वाले हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों को काला कानून बताया। उन्होंने संतों के अपमान पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने भाजपा को ब्राह्मण विरोधी और संत विरोधी पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि माघ मेले के दौरान संतों के साथ अन्याय हुआ, लड़कों की चोटी खींची गई। उन्हें नीचे गिराकर पीटा गया। अलंकार ने भाजपा को ‘विदेशी जनता पार्टी’ कहा था। अलंकार 2019 बैच के पीसीएस ऑफिसर हैं।
अलंकार ने यह भी कहा कि सरकार ऐसा सिस्टम बनाने जा रही है जिससे समाज जाति के आधार पर बंट जाएगा। कुछ ही समय में सिविल वॉर की स्थिति बन जाएगी। इस दौरान उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे जो जनप्रतिनिधि हमारा सरनेम लगाकर घूमते हैं और कॉर्पोरेट कर्मचारियों की तरह काम करते हैं, वे चुप हैं। वे सब हाईकमान पर निर्भर हैं।
अलंकार ने बरेली के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डीएम ने उन्हें 20 मिनट तक बंधक बनाए रखा और दो घंटे के अंदर अपना घर खाली करने का आदेश दिया। डीएम को लखनऊ से फोन आया। मैंने अपने इस्तीफे में अपने इस्तीफे का कारण साफ-साफ बताया है। मैं अपने समुदाय के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकता।