राजपथ के बाद अब बारी 'सिविल लाइंस' की, क्या औपनिवेशिक पहचान मिटाने पर केंद्र सरकार कर रही विचार?

Civil Lines Renaming: केंद्र सरकार अब देशभर में 'सिविल लाइंस' शब्द को हटाने पर विचार कर रही है। आजादी के 100 वर्ष पूरे होने से पहले भारत सरकार गुलामी की सभी निशानियों को हटाने पर विचार कर रही है।
After Rajpath, it is now the turn of 'Civil Lines'; Central Government mulling over erasing colonial identity
सिविल लाइंस (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Civil Lines Renaming News: देश के कई शहरों में आपने सिविल लाइंन्स सुना होगा। जैसे- सिविल लाइंस इलाहाबाद(प्रयागराज), सिविल लाइंस दिल्ली, सिविल लाइंस कानपुर, सिविल लाइंस नागपुर आदि। यह एरिया शहर के सबसे रिहायशी इलाकों में गिना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है, केंद्र सरकार अब देशभर में 'सिविल लाइंस' शब्द को हटाने पर विचार कर रही है। आजादी के 100 वर्ष पूरे होने से पहले भारत सरकार गुलामी की सभी निशानियों को हटाने पर विचार कर रही है।

औपनिवेशिक निशानियां हटाने की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ समय से देश में औपनिवेशिक विरासत से जुड़ी निशानियों को मिटाया जा रहा है। इस दौरान अब तक कई निशानियों को बदला जा चुका है। जैसे- पीएमओ का नाम बदलकर सेवा तीर्थ करना, राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना, भारतीय नौसेना के ध्वज से अंग्रेजी निशान हटाकर छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित निशान अपनाया जाना प्रमुख है। इसी बीच अब देश के कई शहरों से सिविल लाइंस शब्द को हटाने की चर्चा चल रही है।

'सिविल लाइंस' शब्द का इतिहास

सिविल लाइंस शब्द का इतिहास देश में 18वीं-19वीं से मिलता है। उस समय ब्रिटिशर्स ने शहरों को कई हिस्सों में बांट दिया था। इनमें सिविल लाइंस एरिया प्रमुख था। इस इलाके में तत्कालीन ब्रिटिश सिविल सर्विस के अधिकारी, जज, कमिश्नर आदि रहते थे। यह इलाका शहर के बाकी इलाकों से एकदम अलग साफ-सुथरे और व्यवस्थित होते थे। यहां चौड़ी सड़कों के साथ बड़े-बड़े बंगले, शांत वातावरण और हरे-भरे बगीचे होते थे। इसके अलावा छावनी क्षेत्र भी बनाया गया था। इसमें सेना रहती थी।

देश के प्रमुख सिविल लाइंस

देश के कई शहरों में सिविल लाइंस एरिया है। यह शहर का सबसे सुरक्षित, रिहायशी इलाका होता है। 1857 के विद्रोह में कई जगहों पर अंग्रेज अधिकारियों और उनके परिवारों पर हमले हुए थे। इसके बाद ही ब्रिटिश शासन ने सिविल लाइंस एरिया को विकसित किया। इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी अधिकारियों के परिवारों को सुरक्षित रखना था। देश के ये प्रमुख सिविल लाइंस हैं-

  • सिविल लाइंस इलाहाबाद (प्रयागराज)
  • सिविल लाइंस दिल्ली
  • सिविल लाइंस नागपुर
  • सिविल लाइंस कानपुर
  • सिविल लाइंस जबलपुर

कैंटोनमेंट एरिया

कैंटोनमेंट एरिया सेना के लिए बनाया गया था। कैंटोनमेंट या कैंट का अर्थ सैन्य छावनी से है। अंग्रेंजो के समय यहां ब्रिटिश सेना के लिए बैरक, हथियारों के गोदाम, ट्रेनिंग ग्राउंड, चर्च, अस्पताल आदि बनाए जाते थे। साथ ही सैनिकों के बच्चों के पढ़ने के लिए यहां सैनिक स्कूल भी होते थे। इसमें अंग्रेजी सैनिकों के बच्चे पढ़ते थे।

क्या है सरकार का प्लान?

वैसे तो सिविल लाइंस शब्द हटाने की कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है, लेकिन सरकार ने औपनिवेशिक कालीन पहचान मिटाने के उद्देश्य से लगातार ऐसे कदम उठा रही है।

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