हिंदू-मुस्लिम एजेंडा नौकरी नही दे सकता...CJP के फाउंडर अभिजीत ने कहा- बेरोजगारी और शिक्षा है असली मुद्दे..

CJP Founder Abhijit Deepke: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भारतीय राजनीति को 'हिंदू-मुस्लिम एजेंडा’पर फोकस करने का आरोप लगाया। उ्न्होंने कहा कि देश के असली मुद्दे शिक्षा और बेरोजगारी है।
Abhijeet Dipke Says Hindu-Muslim Politics Cannot Create Jobs
कॉकरोच जनता पार्टी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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CJP Founder Abhijit Deepke's Statement On Indian Politics: CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया भारतीय राजनीति 'हिंदू-मुस्लिम एजेंडा’ पर फोकस करती है। जबकि भारत के असली मुद्दे शिक्षा और बेरोजगारी है। जिस पर सरकार और राजनीतिक पार्टियां ध्यान ही नहीं देती है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से देश की राजनीति सिर्फ हिंदू-मुस्लिम एजेंडे पर काम करती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में बदलाव की जरूरत है। देश में बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा है जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं है।

छत्रपति संभाजीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दीपके ने नीट पेपर लीक मामले और सीबीएसई 'ओएसएम' की खामियों पर हो रहे विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद शिक्षा प्रणाली में सुधार पर जोर देना है।

जेन-जेड के लिए बनी है कॉकरोच जनता पार्टी

दीपके ने कहा कि सीजेपी विशेष रूप से जेन-जेड तैयार की गई पार्टी है। इसमें किसी भी राजनीतिक दल कोई हस्तक्षेप नही होगा। 'जेन जेड' वे युवा हैं, जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ। दीपके ने कहा कि पिछले 10-12 सालों से देश की राजनीति हिंदू-मुस्लिम एजेंडे को ही फोकस करती है। लेकिन इस मुद्दे से नौजवानों को रोजगार नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति के इस केंद्रबिंदु को बदलना होगा और हिंदू-मुस्लिम एजेंडे से हटकर देश के युवाओं के हित में कुछ करना होगा।

उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन ऐसे ही नहीं खत्म होगा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हम शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए एक एजेंडा तैयार करेंगे। क्योंकि रोजगार हीं देश का एक अहम मुद्दा है।

नीट परीक्षा के पेपर लीक मामलें को लेकर दीपके ने कहा कि पेपर लीक होने की जिम्मेदारी किसी को तो लेनी ही चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा तो व्यवस्था कैसे सही होगी। अगर किसी कंपनी को किसी व्यक्ति की वजह से नुकसान हुआ है तो वह क्या उस व्यक्ति के इस्तीफे तक वह नुकसान मुनाफे में बदल जाएगा?

उन्होंने कहा कि छोटी गलतियों के कारण अगर किसी कंपनी से किसी व्यक्ति को निकाल दिया जाता है तो सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक हो रहे हैं। तो इस हिसाब से शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों पर लगाए आरोपों पर दी प्रतिक्रिया

अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए आरोपों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर भारी भीड़ और तस्वीरें खुद बयां करती हैं। वे कितने लोगों को पाकिस्तानी कहेंगे? क्या वे आंदोलनकारी छात्रों, विपक्ष और सवाल पूछने वाले मीडिया को पाकिस्तानी कहेंगे?

उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि जंतर-मंतर आंदोलन बहुत सुखद था इसमें देश के कोने-कोने से आए युवाओं ने अपनी एक ही मांगे रखी थी। और वो था केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा।

फडणवीस पर भड़के अभिजीत

अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी उनके कथित आलोचनात्मक बयान को लेकर हमला बोला और कहा कि फडणवीस को बोलने से पहले सोचना चाहिए। महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य के मुख्यमंत्री होकर उनकी यह टिप्पणी सही नहीं है। दीपके ने इस बात पर जोर दिया कि सीजेपी किसी भी राजनीतिक दल से कभी संबंध नहीं रखेगी और आंदोलन में किसी भी बाहरी समर्थन को नहीं जोड़ा जाएगा।

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