जिम में प्यार का खेल, फिर बना दिया मुसलमान...शामली में करोड़पति का बेटा आयुष बना रहमान, पाकिस्तान से जुड़ा तार

Shamli Conversion Case: दवा कारोबारी और केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक (27) का कथित तौर पर प्रेम के जाल में फंसाकर इस्लाम धर्म अपनाने और निकाह कराने का आरोप लगा है।
shamali love jihad case
शामली लव जिहाद केस (Image- AI)
Published on
Updated on

Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से धर्मांतरण का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और खुफिया विभाग के होश उड़ा दिए हैं। यहां एक प्रसिद्ध दवा व्यापारी के इकलौते और उच्च शिक्षित बेटे आयुष मलिक को सोची-समझी साजिश के तहत प्रेम जाल में फंसाकर ‘रहमान’ बना दिया गया। आरोप है कि इस पूरे खेल के पीछे न सिर्फ करोड़ों की संपत्ति कब्जाने का मकसद था, बल्कि इसके तार पाकिस्तान के कट्टरपंथी यूट्यूब नेटवर्क और दिल्ली-मुंबई के मौलानाओं से भी जुड़े हैं। पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी महिला जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

वहीं, इस मामले में 3 मौलवियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है, जबकि पूरे नेक्सस का पर्दाफाश करने के लिए एसपी शामली ने SIT का गठन कर दिया है।

जिम से शुरू हुई ‘लव और धर्मांतरण’ की कहानी

यह पूरा मामला शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर और काजीवाड़ा मोहल्ले से संबंधित है। दयानंद नगर के रहने वाले देवराज मलिक शामली जिले के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और उन्होंने शनिवार देर शाम कोतवाली में शिकायत देकर एक बड़ी साजिश का खुलासा किया। उनका बड़ा दवा कारोबार है। उनका 27 साल का इकलौते बेटा आयुष मलिक बी-फार्मा करने के बाद अपना मेडिकल स्टोर चलाता था। पुलिस जांच के मुताबिक, इस पूरी कहानी की शुरुआत करीब 5 साल पहले हुई थी। आयुष ने अपनी फिटनेस के लिए ‘कुरैशी प्लस’ नाम की एक जिम में जाना प्रारंभ किया था। इसी जिम में कुरैशी बस्ती की रहने वाली 25 वर्षीय चांदनी कुरैशी जिम ट्रेनर थी। आरोप है कि चांदनी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर धीरे-धीरे उस पर धर्म बदलने का दबाव डालने लगी।

दाढ़ी बढ़वाई, टोपी पहनाई, ऐसे खुला राज

पीड़ित के पिता देवराज मलिक का आरोप है कि करीब 4 साल पहले चांदनी और उसके परिवार ने चोरी-छिपे आयुष से निकाहनामा पढ़वा लिया था। इसके बाद आयुष का नाम बदलकर ‘उस्मान अंसारी’ उर्फ ‘रहमान’ रख दिया गया। पिछले 6 महीनों से आयुष का पूरा रहन-सहन और पहनावा बदलने लगा था। उसने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली थी और वह सिर पर टोपी व कुर्ता-पायजामा पहनकर मेडिकल स्टोर पर बैठने लगा था। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर आयुष की एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह मस्जिद के भीतर नमाज पढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जब यह बात हिंदू संगठनों के ध्यान में आई, तो उन्होंने इस पर कड़ा विरोध जताया और जिम ट्रेनर के घर के बाहर धरने की चेतावनी दे डाली।

इस्लाम अपनाने का दबाव

पीड़ित पिता देवराज मलिक का आरोप है कि इन आरोपियों ने न सिर्फ उनके बेटे का धर्म परिवर्तन कराया, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों पर भी इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। जब इसका विरोध किया गया, तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी मिली। आरोपी पिछले करीब पांच वर्षों से उनके पुत्र की सारी कमाई हड़प रहे हैं। देवराज मलिक ने इस मामले में कुछ बाहरी और संदिग्ध लोगों के भी शामिल होने की आशंका व्यक्त की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्काल संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

जांच में सामने आया खतरनाक ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पुलिस की पूछताछ और जांच में हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयुष का माइंड डाइवर्ट यानी ब्रेनवाश करने के लिए एक डिजिटल साजिश रची गई थी। आरोपियों ने आयुष के मोबाइल और यूट्यूब पर पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामिक वक्ता डॉ. इसरार अहमद का यूट्यूब चैनल लॉगिन कर दिया था। आयुष को लगातार डॉ. इसरार अहमद की तकरीरें और विवादित स्पीच सुनाई जाती थीं, जिससे उसका पूरी तरह ब्रेनवाश कर दिया गया। हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह सिर्फ एक प्रेम प्रसंग का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था, जो युवाओं को निशाना बना रहा है।

पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी

शामली के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष और पीड़ित के पिता देवराज मलिक ने शनिवार देर शाम सदर कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज कराया। पिता का आरोप है कि आरोपी चांदनी, उसके परिवार के 6 सदस्यों और 3 मौलवियों ने मिलकर उनके बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराया। इसके साथ ही आरोपी पिछले ५ सालों से उनके बेटे से मोटी रकम भी ऐंठ रहे थे। पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अब फर्जी निकाहनामे के दम पर उनके पूरे परिवार पर इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। देवराज मलिक ने साफ किया कि वह और उनकी पत्नी पूरी तरह हिंदू हैं और सुबह-शाम हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं, उनके बेटे को डरा-धमकाकर यह सब कराया गया।

पुलिस कप्तान ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर शामली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एनपी सिंह ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया, ‘पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर धर्मांतरण, अवैध वसूली और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस साजिश में आजाद चौक स्थित कादियां मस्जिद के पास के मौलवी मुनव्वर और दो अन्य अज्ञात मौलवियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। आरोपी लड़की का एक भाई और बहन फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं।’

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com