

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान मोदी सरकार ने बड़ा दावा किया है। सरकार ने संसद में कहा है कि देश में लोगों की खराब या प्रदूषित हवा की वजह से मौत होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। पर्यावरण एवं वन्य राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कांग्रेस सदस्य प्रमोद तिवारी के एक सवाल के जवाब में संसद में यह जवाब दिया है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 2024 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल किया था कि क्या इसमें भारत को पांचवां सबसे प्रदूषित देश करार दिया गया है। क्या भारत में वायु प्रदूषण की वजह से हजारों लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय को लेकर भी जानकारी मांगने का कार्य किया।
इसके जवाब देते हुए पर्यावरण एवं वन्य राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि देश में वायु प्रदूषण से देश में कोई भी मौत होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर कई चीज प्रभाव डालती है। इसमें वायु के अलावा उसका खानपान, काम करने के तरीके या वातावरण, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, मेडिकल इतिहास, इम्युनिटी या शरीर की प्रतिरोधक क्षमता आदि शामिल है। ऐसे में वायु प्रदूषण को मृत्यु की एकमात्र वजह नहीं कहा जा सकता है।
मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि जिस रिपोर्ट की बात की जा रही है। उसके लिए 38 प्रतिशत डाटा सरकारी एजेंसी से लिया गया है। जबकि 62 प्रतिशत डाटा गैर सरकारी एजेंसियों से लिया गया है। यह डाटा पीएम2.5 कंसेंट्रेशन के आधार पर लिया गया है। जो लो राशि सेंसर से भी लिया गया है। यह समस्त डाटा अर्बन या शहरी सेंट्रिक है। ऐसे में यह पूरी तरह से सही तस्वीर नहीं दिखाता है।
भाजपा नेता और मंत्री ने कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से भ्रामकता फैलाने वाला हो सकता है। जिसे सही नहीं माना जा सकता है। शहरों के हवा को बेहतर करने के लिए सरकार ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए क्लीन एयर कार्यक्रम शुरू किया है। जिससे इन शहरों की हवा बेहतर की जा सके।